शास्त्रीनगर में डेंगू पॉजिटिव एक किशोरी की मौत हुई थी। उसे लिवर की भी बीमारी थी। स्वास्थ्य विभाग ने उसे डेंगू से होने वाली मृत्यु में शामिल नहीं किया है। उसकी मौत का कारण लिवर की बीमारी मानी गई। लेकिन डेंगू संक्रमण के बाद उसकी स्थिति बिगड़ गई थी।
इसी तरह हैलट में भर्ती मंगलाविहार की चित्रलेखा को निजी लैब से स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई थी लेकिन केजीएमयू लखनऊ की जांच में रिपोर्ट निगेटिव आई थी। बाद में उसमें डेंगू की पुष्टि हुई थी। 18 अक्तूबर को चित्रलेखा की मौत हो गई थी। सीनियर फिजिशियन डॉ. एम भट्टर ने बताया कि कोई रोगी शॉक सिंड्रोम में नहीं है।
जो देर से आते हैं उनकी स्थिति खराब होती है। इसके अलावा अगर कोई और रोग है तो अधिक दिक्कत हो जाती है। जिला मलेरिया विभाग अधिकारी एके सिंह और पब्लिक हेल्थ एक्सपर्ट की अगुवाई में मकसूदाबाद में दो डेंगू रोगियों का सत्यापन किया। दोनों रोगी घर पर मिलीं। जिला मलेरिया अधिकारी ने बताया कि रोगी दवाओं से ठीक हैं और घर का काम कर रही थीं। विशेषज्ञों का कहना है कि जिन रोगियों की दूसरी बीमारियां भी हैं, उन्हें डेंगू संक्रमण के बाद दिक्कत हो जा रही है।