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कानपुर: अमेरिकी नागरिकों को ठगने वाले एक और इंटरनेशनल कॉल सेंटर का भंडाफोड़, दो आरोपी गिरफ्तार

Fri, 30 Jul 2021 06:58 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

अमेरिकी नागरिकों ठगने वाले एक और इंटरनेशनल कॉल सेंटर का कानपुर क्राइम ब्रांच की टीम ने भांडाफोड़ किया है। शातिर लोन देने के नाम पर अमेरिकी नागरिकों से पैसे वसूल लिया करते थे।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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कानपुर पुलिस की क्राइम ब्रांच ने अमेरिकी नागरिकों को विभिन्न प्रकार के लोन के नाम पर लाखों का चूना लगाने वाले दो शातिरों को गिरफ्तार किया है। शातिर नौबस्ता हंसपुरम स्थित एक घर से बिना लाइसेंस के छह माह से इंटरनेशनल कॉल सेंटर चला रहे थे। क्राइम ब्रांच ने कॉल सेंटर पर गुरुवार देर रात छापेमारी की।
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पुलिस ने उनके पास से मिले लैपटॉप व हार्ड डिस्क से करीब दो लाख अमेरिकी नागरिकों का पर्सनल डाटा बरामद किया है। विदेशी नागरिकों को चूना लगाने वाले गैंग के नोएडा में बैठे मास्टर माइंड व अन्य सदस्यों की तलाश की जा रही है। शातिर 45 अमेरिका नागरिकों से करीब 70 लाख रुपये ठग चुके थे।

वीओआईपी कॉल और ऐप की मदद से विदेशियों को लगा रहे थे चूना
एडीसीपी क्राइम दीपक भूकर ने बताया कि नौबस्ता हंसपुरम निवासी विशाल सिंह सेंगर और यहीं के रहने वाले रवि शुक्ला को गिरफ्तार किया गया है। नौबस्ता में विशाल मामा के घर पर कॉल सेंटर का संचालन कर रहा था। अमेरिकी नागरिकों को चूना लगाने के लिए शातिर वीओआईपी (वाइस ओवर इंटरनेट प्रोटोकॉल) का इस्तेमाल कर रहे थे।
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टेक्स्ट नाऊ सोनोटेल, सॉफ्ट फोन डायलर जैसे ऐप की मदद से इंटरनेशनल कॉल को अमेरिका की लोकल कॉल दिखा कर वहां के नागरिकों को कम ब्याज पर होम लोन व पर्सनल लोन देने का झांसा देते थे। इनके झांसे में अब तक 45 नागरिक आ चुके थे, जिनसे वो करीब 70 लाख रुपये की ठगी कर चुके थे।

फर्राटे से बोलते हैं अमेरिकन इंग्लिश
दोनों ठग नोएडा के कई कॉल सेंटरों में नौकरी कर चुके हैं। अमेरिकन इंग्लिश बोलने में माहिर हैं। कम दर लोन दिलाने का झांसा देकर पहले 200 डॉलर प्रॉसेसिंग फीस वसूली करते थे। इसके बाद लोगों को अमेरिकन कंपनियों के नाम पर तैयार फार्म भेज देते थे। जब लोग विश्वास में आ जाते तब इनसे लोन की चार पांच किस्तें एक साथ जमा करने पर ईएमआई पर जीरो ब्याज का लालच देकर 500-600 डॉलर एक साथ जमा करा लेते थे।

पूर्व में काकादेव में मोहिंद्र व उसके साथियों की गिरफ्तारी के बाद हंसपुरम में चलने वाले इस इंटरनेशनल कॉल सेंटर का पता चला था। सेंटर पर गिरफ्तार अभियुक्तों के अलावा तीन और लोगों को 10 से 12 हजार की नौकरी पर रखा गया था। उनका इस गोरखधंधे में कोई रोल न होने पर उन्हें छोड़ा गया है। सरगना व अन्य साथियों की तलाश की जा रही है।
दीपक भूकर, एडीसीपी, क्राइम

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