अंजना मल्होत्रा हत्याकांड में पुलिस की लापरवाही सामने आई है। एडिशनल सीपी मुख्यालय आनंद कुलकर्णी इस मामले की जांच कर रहे हैं । जांच में सामने आया है कि दरोगा ने की थी खानापूर्ति की और अफसर इससे बेखबर रहे। डीसीपी ने नजीराबाद थानेदार को कार्रवाई के लिए निर्देशित किया था।
अंजना मल्होत्रा हत्याकांड में पुलिस की लापरवाही की जांच में एक अहम तथ्य सामने आया है। मामले में डीसीपी साउथ ने नजीराबाद थानेदार को कार्रवाई के लिए निर्देशित किया था। दरोगा जेपी परिहार अंजना के घर गया था। वह घर पर नहीं थी। जिसके बाद दरोगा तस्करा डालकर हाथ पर हाथ धर बैठ गया था।
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इसके बाद न तो दरोगा ने कोई कार्रवाई की थी और न ही पर्यवेक्षण करने वाले उच्चाधिकारी ने इस संबंध में फीडबैक लिया था। नतीजतन अंजना की हत्या कर दी गई थी। कौशलपुरी निवासी अंजना मल्होत्रा 22 दिसंबर की रात लापता हो गई थीं। पुलिस ने 9 जनवरी को खुलासा कर दावा किया था कि उसके पति सुलभ ने ही उसकी हत्या की हैं।
प्रेमिका किरन, भतीजे रिषभ व किरन के पिता रामदयाल की मदद से शव ठिकाने लगाया था। सभी आरोपी जेल में बंद हैं। लापरवाही मामले में दरोगा जेपी परिहार निलंबित किया जा चुका है। इस बीच खुलासा हुआ था कि अंजना ने थाने चौकी से लेकर डीसीपी साउथ तक गुहार लगाई थी।
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इस संबंध में ट्वीट भी किया था। इन सभी तथ्यों को गंभीरता से लेते हुए एडिशनल सीपी कानून-व्यवस्था आनंद प्रकाश तिवारी ने एडिशनल सीपी मुख्यालय को जांच सौंपी है।