कानपुर में पशुआहार बनाने वाली कंपनी ने मुखौटा कंपनियों के जरिये करोड़ों रुपये काले धन को सफेद किया। कंपनी का एक निदेशक टैक्सी चालक दिखाया गया। इसके अलग-अलग 11 खातों के जरिये 50 करोड़ से अधिक का लेन-देन किया गया। कंपनी ने इस रुपये को चिटफंड कंपनी में लगाया और फिर लोन के जरिये वापस ले लिया।
पशुआहार कंपनी और आरती चिटफंड के यहां आयकर की जांच-पड़ताल में यह खुलासा हुआ है। यह भी पता चला है कि चिटफंड नियमों का भी उल्लंधन किया गया है। अब विभाग आगे की कार्रवाई कर रहा है। पशुआहार कंपनी के यहां आयकर छापे में 121 करोड़ रुपये के काला धन, 52 लाख के आभूषण और एक करोड़ 30 लाख की नगदी मिलने की पुष्टि केंद्रीय प्रत्यक्षकर बोर्ड (सीबीडीटी) ने शुक्रवार को की थी।