सफाई व्यवस्था में सुुधार से शनिवार को स्वच्छता रैंकिंग में कानपुर चार पायदान की छलांग लगाकर 21 वें नंबर पर आ गया, पर देश के टॉप-10 शहरों में शामिल होने का सपना अधूरा रह गया। इस बार भी इंदौर बाजी मारते हुए पहले स्थान पर कायम है।
केंद्र सरकार की तरफ से जारी रैंकिंग में प्रदेश में इस मामले में सुधार हुआ। लखनऊ और गाजियाबाद के बाद कानपुर सूबे का सबसे स्वच्छ शहर घोषित किया गया है। शहरी विकास मंत्रालय ने स्वच्छ भारत मिशन के तहत स्वच्छ सर्वेक्षण-2021 की रैंकिंग जारी की।
इस रैंकिंग में कानपुर नगर निगम को देश में 10 लाख से ज्यादा आबादी वाले शहरों में 21 वां स्थान मिला। इसी तरह देशभर के 48 गंगा टाउन में 4 स्थान प्राप्त हुआ। उत्तर प्रदेश की 13 नगर निगमों में अपने शहर को तीसरा स्थान प्राप्त हुआ।
नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अजय संखवार, डॉ. अमित सिंह ने बताया कि घरों से कूड़ा एकत्रित करने की व्यवस्था में सुधार, कूड़ा उठान, विशेष सफाई अभियान, अमृत महोत्सव में 172 घंटे के लगातार सफाई अभियान, महापौर के वार्डों में जागरूकता अभियान चलाने, शहरवासियों में जागरूकता, कूड़ा अड्डों के आसपास गंदगी पर नियंत्रण, कांपेक्टरों से कूड़ा ले जाने, कूड़ा निस्तारण प्लांट के संचालन की व्यवस्था में सुुधार, पुराने कूड़े के निस्तारण आदि से रैंकिंग में सुधार हुआ है। नगर निगम के अधिशासी अभियंता (प्रोजेक्ट) आरके सिंह ने बताया कि पनकी भऊ सिंह स्थित कूड़ा निस्तारण प्लांट में नासूर बने करीब 15 लाख मीट्रिक टन पुराने कूड़े में से करीब पांच लाख मीट्रिक टन कूड़ा निस्तारित हो चुका है।
मैं शहरवासियों को स्वच्छ सर्वेक्षण में योगदान देने और रैंकिंग में सुधार पर बधाई देती हूं। आगामी स्वच्छ सर्वेक्षण-2022 में शहर को देश के टॉप-10 शहरों में लाने के प्रयास किए जाएंगे। जो कमियां रह गई हैं, उन्हें सुधारा जाएगा। सभी घरों से कूड़ा उठवाने की कोशिश की जाएगी। शहरवासियों से शहर को स्वच्छ बनाने में अपना योगदान देने की अपील करती हूं।-
प्रमिला पांडेय, महापौर
सफाई के लिए संसाधन बढ़ाए जाएंगे। प्लांट में पुराने कूड़े के निस्तारण के प्रयास तेज किए जाएंगे। प्लांट में पांडु नदी की तरफ रिटेनिंगवाल बनाई जाएगी, ताकि बरसात में नदी का पानी प्लांट में न भरे और नदी का जलस्तर बढ़ने पर भी प्लांट में पानी न आ पाए और वहां कूड़ा निस्तारित होता रहे।
- शिवशरणप्पा जीएन, नगर आयुक्त