शनिवार को कृष्णकांत, पत्नी बरखा व दोनों बच्चों के साथ अशोकनगर में एक रिश्तेदार के यहां तेरहवीं संस्कार में शामिल होने आया था। यहां से शाम को लौटते समय बरखा अपने दोनों बच्चों समेत नवाबगंज में जागेश्वर मंदिर के पास स्थित अपने मायके में रुक गई। कृष्णकांत बिधनू स्थित घर लौट गया। मृतका की मां सरला ने पुलिस को बताया कि रात करीब 10 बजे सभी लोग नीचे स्थित कमरे में सो रहे थे। तभी बरखा घबराहट होने की बात बोलकर पहली मंजिल पर स्थित कमरे में जाने की बात बोलकर चली गई।
रात करीब 11:45 बजे बरखा के छोटे बेटे के रोने की आवाज सुनकर उनकी आंख खुली तो बरखा को बुलाने ऊपर स्थित कमरे में पहुंचीं, जहां बेड पर बरखा का रक्तरंजित शव पड़ा देख चीख पड़ीं। हत्या की सूचना पर पुलिस ने घर के पास लगे सीसीटीवी कैमरे के फुटेज खंगाले तो उसमें दीपक गुप्ता घर के अंदर घुसते और करीब एक घंटे बाद निकलते नजर आया। पुलिस ने उसकी तलाश शुरू की तो कुछ देर बाद उसका सिर कटा शव रेलवे स्टेशन के पास पटरी पर पड़ा होने की जानकारी मिली। थाना प्रभारी प्रमोद कुमार ने बताया कि दोनों के बीच प्रेम संबंधों का पता चला है। बरखा ने दीपक से कुछ रुपये भी ले रखे थे, जिसके लेनदेन को लेकर हुए विवाद के दौरान हत्या करने की आशंका है।