कानपुर में सीसामऊ पुलिस ने शुक्रवार रात 26 साल पुराने के एक केस में अधिवक्ता राजकुमार सिंह को गिरफ्तार किया। केस के दूसरे आरोपी अधिवक्ता प्रशांत बाजपेई की गिरफ्तारी के लिए कल्याणपुर में गलत घर में दबिश दे दी। वह घर बार एवं लॉयर्स एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष का था।
दबिश से नाराज पूर्व अध्यक्ष ने शनिवार को मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर सीसामऊ इंस्पेक्टर पर अभद्रता करने का आरोप लगाया है। उधर गिरफ्तार राजकुमार सिंह को कोर्ट से जमानत मिल गई। सीसामऊ इंस्पेक्टर रमाकांत पचौरी ने बताया कि सन 1995 में अधिवक्ता राजकुमार सिंह उर्फ राजू, अधिवक्ता प्रशांत बाजपेई उर्फ विक्कू समेत चार के खिलाफ मारपीट, धमकी देने और गाली गलौज करने की धारा में मुकदमा दर्ज किया गया था।
विवेचना के दौरान गैर इरादतन हत्या करने का प्रयास (आईपीसी 308) की धारा बढ़ाई गई थी। हालांकि सुनवाई के दौरान ये धारा हटा दी गई थी। आरोपियों ने कोर्ट से जमानत ले ली थी। इंस्पेक्टर ने बताया कि राजकुमार व प्रशांत कई वर्षों से पेशी पर नहीं जा रहे थे। इसलिए उनके खिलाफ कोर्ट ने एनबीडब्ल्यू जारी किया था। इसलिए शुक्रवार रात को राजकुमार की गिरफ्तारी की गई। मगर प्रशांत की गिरफ्तारी अभी तक नहीं हो सकी। गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।