जज बनकर केजीएमयू की नर्सिंग स्टेशन की ऑफिसर से करीब 60 लाख रुपये की ठगी करने के आरोपी नवाबगंज निवासी विष्णु शंकर गुप्ता और उसकी पत्नी आयुषी गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया। दोनों के कब्जे से 42 लाख 50 हजार रुपये और घटना में इस्तेमाल हुई अर्टिगा कार बरामद हुई। डीसीपी सेंट्रल श्रवण कुमार सिंह ने बताया कि आरोपी ने मेट्रीमोनियल साइट पर अपने आपको सीतापुर का एसीजे बनकर फर्जी आईडी से पीडिता से संपर्क किया। लगभग दो महीने तक शादी के झांसे में लेकर पीडिता से बातचीत की।
उसने नर्सिंग स्टेशन की ऑफिसर का भरोसा जीत कर शादी में एक करोड की लग्जरी कार लेने की बात कही। उसने कहा कि कार वह खरीदेगा तो उससे पूछताछ हो सकती है। नर्सिंग स्टाफ ऑफिसर से अकाउंट की जानकारी की। उन्होंने 15 लाख के बारे में बताया। आरोपी ने उनका 45 लाख का पर्सनल लोन करा दिया। पर्सनल लोन करा कर सारे पैसे को खाते से निकालकर सात सितंबर को कानपुर आने को कहा। इसी दिन आरोपी अपनी पत्नी को साथ लेकर अर्टिगा कार से उन्नाव से कानपुर आया। रास्ते में कार को रोककर उसने व उसकी पत्नी ने नम्बर प्लेट को बदला। कार पर लगे राजनैतिक पार्टी के झंडे व एडवोकेट का स्टीकर हटा दिया। यह सब कार की पहचान बदलने के लिए किया गया। आरोपी ने अपनी पत्नी को रास्ते में उतारकर पीडिता द्वारा बैग में लाये गये 59 लाख 50 हजार रुपये के साथ पीडिता को फर्जी नम्बर प्लेट लगी कार में बिठा कर मूवी देखने के बहाने रेव थ्री ले गया, जहां से बहाना बना कर पीडिता को सिनेमा घर मे छोडकर नगदी लेकर कार सहित भाग गया ।