केस 3
शिवराजपुर के बिलहन के पीएस प्राइमरी स्कूल में 39 बच्चे, तीन शिक्षक और दो रसोइये हैं। दोनों रसोइये बिना कैप, ग्लब्स और एप्रन के ही खाना बनाती हैं। प्रधानाध्यापक अंजना ने बताया कि 700 रुपये हर साल नहीं आते बल्कि बीच-बीच में मिलते हैं। किस मद में पैसा आया इसकी जानकारी उन्हें ग्रुप में मैसेज से दी जाती है। उसी हिसाब से सामान खरीदा जाता है।
जिले के सभी स्कूलों में मिड डे मील बनाने वालीं रसोइयों की हाइजीन के लिए 700 रुपये की राशि सालाना स्कूल के खाते में भेजी जाती है। यदि किसी विद्यालय में यह राशि नहीं पहुंची या प्रधानाचार्य को इसकी जानकारी नहीं है तो तत्काल जांच कर कार्रवाई की जाएगी। - सुरजीत कुमार सिंह, बेसिक शिक्षा अधिकारी