कानपुर में राज्य बाल संरक्षण आयोग के सदस्य डॉ. प्रिय रंजन आशू ने गुरुवार को हैलट में बालरोग अस्पताल के एनआईसीयू का निरीक्षण किया। उन्होंने 24 बेड पर 78 बच्चे भर्ती देखकर ताज्जुब जताया और बेड बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री से सिफारिश करने की बात कही। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री बच्चों के प्रति चिंतित हैं। इसी वजह से अस्पतालों की व्यवस्थाएं चाकचौबंद रखने के प्रयास हैं।
एनआईसीयू के बाहर बाल कल्याण समिति के सदस्य दीप अवस्थी ने भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ डॉ. प्रिय रंजन का स्वागत किया। डॉ. प्रिय रंजन ने पहले हैलट इमरजेंसी देखी। गंदगी देखकर आपत्ति जताई। इसके बाद एनआईसीयू फिर मैटरनिटी विंग का निरीक्षण किया। यहां जीका वार्ड और कोरोना वार्ड हैं। इसके बाद वे मॉड्यूलर ओटी देखने गए।
हैलट के प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आरके मौर्या, बालरोग विभागाध्यक्ष डॉ. यशवंत राव ने उन्हें रोगी और तीमारदारों की सुविधा के लिए एनजीओ के कामों के संबंध में बताया। इस पर उन्होंने धरातल पर काम करने वाली संस्थाओं को योजनाओं से जोड़ने को कहा। इसके पहले उन्होंने उर्सला का निरीक्षण किया और गंदगी पर चिंता जताई। कर्मचारियों के काम न करने की शिकायत भी उनसे की गई।
टेनरियों में जाकर देखें बालश्रम तो नहीं हो रहा
अस्पतालों के निरीक्षण के बाद डॉ. प्रिय रंजन ने सर्किट हाउस में अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने कहा कि अल्ट्रासाउंड सेंटरों की नियमित जांच की जाए कि भ्रूण लिंग की पहचान तो नहीं की जा रही। इसके साथ ही टेनरियों में जाकर देखें कि बालश्रम तो नहीं कराया जा रहा। बच्चों से भिक्षावृत्ति कराने वालों को चिह्नित कर दंडित करने को कहा। कानपुर में इस संबंध में तीन लोगों पर गैंगेस्टर की कार्रवाई की जा रही है और उनकी संपत्ति भी कुर्क की जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने पर जोर दिया। बैठक में एसीएम यशवंत राव, एसीपी आलोक सिंह, डीपीओ जयदीप सिंह मौजूद रहे।