सदर क्षेत्र के उत्तमापुर पट्टी में रविवार शाम को निर्माणाधीन मकान का लिंटर ढहने से दो मजदूरों की मलबे में दबने से मौत हो गई और सात घायल हो गए। इस घटना से हड़कंप मच गया और ग्रामीणों ने घायलों को मलबे से बाहर निकाला। घायलों का मौके पर ही प्राथमिक इलाज कराया गया। सदर तहसीलदार ने घटनास्थल पर पहुंचकर मजदूरों से जानकारी ली।
सदर क्षेत्र के ग्राम उत्तमापुर पट्टी निवासी आशाराम उर्फ दरोगा मजूदरी करते हैं। आशाराम मकान का निर्माण करा रहे हैं और लिंटर की ढलाई हो रही थी। ग्रामीणों के अनुसार शटरिंग सही न लगने के कारण शाम चार बजे अचानक लिंटर ढह गया। मलबे में मजदूर श्यामजीत सक्सेना (28), ज्ञानेंद्र कुमार (32), रामनिवास, बबलू, श्यामवीर, टिल्लू, संजू, रजनेश, रामलडैते दब गए। लिंटर गिरने की आवाज सुनकर ग्रामीण दौड़ पड़े और मजदूरों को मलबे से बाहर निकालना शुरू किया।
मलबे से बाहर निकले श्यामजीत और ज्ञानेंद्र की मौत हो गई थी और अन्य सात घायल थे। इन सभी का 108 एंबुलेंस कर्मियों ने प्राथमिक इलाज किया। सदर तहसीलदार अभिनव वर्मा, कोतवाल जितेंद्र प्रताप सिंह और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची। टीम ने मलबा हटाने में ग्रामीणों की मदद की। तहसीलदार ने परिजनों को हर संभव मदद दिलाने का आश्वासन दिया। कोतवाल ने बताया कि निर्माणाधीन मकान का लिंटर ढहने से हादसा हुआ है। बारिश के कारण लिंटर पर वजन ज्यादा होने के कारण शटरिंग खिसक गई और हादसा हो गया।
योगी ने लिया घटना का संज्ञान, अफसरों को दिए निर्देश
सदर कोतवाली क्षेत्र के उत्तिमापुर पट्टी गांव में लिंटर गिरने से हुई दो मजदूरों की मौत की घटना को मुख्यमंत्री योगी ने संज्ञान लिया है। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से मृतकों के परिवार के प्रति शोक संवेदना व्यक्त की है और घायलों के समुचित इलाज के निर्देश अफसरों को दिए हैं। मुख्यमंत्री ने मृतकों के आश्रितों को शासन की सभी योजनाओं का लाभ दिलाने के भी निर्देश दिए हैं।