फोटो शूट और इंसानियत का परिचय देना नहीं भूलती
मुठभेड़ के बाद पुलिस घटना स्थल पर फिल्मी स्टाइल में फोटो शूट करना नहीं भूलती है। अपराधी को पकड़ने के बाद पुलिस इंसानियत का परिचय देना नहीं भूलती। बदमाश की जान को खतरा न हो इस लिए उसे तत्काल जिला अस्पताल में भर्ती करवाया जाता है।
17 जून: हत्याकांड के आरोपी को मुठभेड़ के बाद किया गिरफ्तार
सदर कोतवाली क्षेत्र के जलालपुर अमरन गांव में 17 जून की देर शाम पूर्व प्रधान के पति रामदास की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हत्या के कुछ घंटों बाद उसी रात पुलिस की मुख्य आरोपी राकेश व मुकेश से मुठभेड़ हो गई। पुलिस ने मुख्य आरोपी राकेश के पैर में गोली मारकर तमंचा के साथ गिरफ्तार कर लिया।जबकि मुठभेड़ में दूसरे आरोपी मुकेश को खरोच तक नहीं आई।
21 जून को हत्याकांड को दूसरा आरोपी भी मुठभेड़ में हुआ गिरफ्तार
पूर्व प्रधान के पति हत्याकांड में शामिल आरोपी रामसेवक की 21 जून की रात पुलिस से करीमपुर मोड़ के पास कुसुमखोर रोड पर मुठभेड़ हो गई। मुठभेड़ के दौरान पुलिस के अचूक निशाने के कारण गोली आरोपी के पैर में ही जा लगी। इसके पास से भी पुलिस ने तमंचा बरामद किया।
23 जून को पुलिस ने दुष्कर्म के आरोपी को किया गिरफ्तार
23 जून की तड़के पुलिस ने करीब आठ माह से फरार चल रहे दुष्कर्म, हत्या के आरोपी व एक लाख रुपए का इनामी बदमाश को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया था। मुठभेड़ के दौरान पुलिस की गोली आरोपी के पैर में लगने से घायल हो गया था। यहां पर भी पुलिस को आरोपी के पास से तमंचा मिला था।
28 जून को हत्याकांड के दो आरोपियों को किया था गिरफ्तार
पूर्व प्रधान के पति हत्याकांड के आरोपी प्रधान पुत्र दीपू व उसके साथी विनोद को पुलिस ने कीरतपुर गांव में बुधवार 28 जून की रात मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया था। दोनों के पैर में पुलिस की गोली लगी थी।
25 हजार के इनामी से मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार
अक्टूबर माह में दीपावली के दूसरे दिन शहर में हुए हिंसक बवाल के मुख्य आरोपी व 25 हजार रुपए के इनामी चिरैयागंज मोहल्ले स्थित कांशीराम कॉलोनी निवासी फैजी को पुलिस ने एक मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया था। इस मुठभेड़ में भी आरोपी फैजी के पैर में गोली लगी थी। यह मुठभेड़ चर्चा में रही थी। क्योंकि जब पुलिस ने आरोपी को जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। तब उसकी जींस घुटने के ऊपर थी, जिससे यह प्रतीत हो रहा था कि जींस ऊपर करने के बाद उसको गोली लगी थी। इस मुठभेड़ के बाद कई दिनों तक पुलिस की बहादुरी पर लोग चुटकियां लेते रहे थे।
पुलिस से लूट का आरोपी भी मुठभेड़ के बाद हुआ था गिरफ्तार
पिछले साल 21 नवंबर को सदर कोतवाली क्षेत्र के जलालपुर पनवारा में उरई के क्राइम ब्रांच प्रभारी अवधेश कुमार चौहान संग बदमाशों ने लूट की घटना को अंजाम दिया था। ठीक पांच दिन बाद बलारपुर कुटिया के करीब फिरोजाबाद जिले के खैरगढ़ थाना क्षेत्र के ललई गांव के रहने वाले प्रेम सिंह को पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान पैर में गोली मारकर दबोच लिया था।
कोर्ट ने पुलिस मुठभेड़ पर उठाए सवाल
हत्याकांड के आरोपी दीपू व विनोद को गिरफ्तार करने के बाद पुलिस ने रिमांड के लिए कोर्ट पेश किया था। मजिस्ट्रेट ने पुलिस की फिल्मी कहानी पर सवाल उठाए थे। आरोपियों ने कोर्ट के सामने पुलिस के मुठभेड़ की कहानी की पोल खोलकर रख दी थी।