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Kalindi Express: पांच किमी दायरे के गांवों की सीडीआर खंगाल रही पुलिस, सोशल मीडिया के जरिए भी संदिग्धों की तलाश

Tue, 17 Sep 2024 12:57 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: कालिंदी एक्सप्रेस हादसे की जांच में जुटी पुलिस 12 से अधिक गांवों के लगभग 10 हजार मोबाइल नंबरों का ब्योरा जुटी रही है। साथ ही, पुलिस व जांच एजेंसियां आरोपियों तक पहुंचने के लिए अब सोशल मीडिया से जानकारी जुटा रही हैं।
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Kalindi Express Accident - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कानपुर-फर्रुखाबाद रेल मार्ग पर बर्राजपुर व उत्तरीपुरा रेलवे स्टेशन के बीच मुड़ेरी क्रॉसिंग पर आठ सितंबर की रात ट्रैक पर गैस सिलिंडर रखकर कालिंदी एक्सप्रेस को बेपटरी करने की साजिश के मामले की जांच जारी है। साजिश रचने वालों की धरपकड़ के लिए उच्चाधिकारियों के निर्देश पर घटनास्थल मुड़ेरी क्रॉसिंग से पांच किमी के दायरे के मोबाइल टावरों के सभी प्रकार के मोबाइल डाटा को सर्च कर काल डिटेल रिकार्ड यानि सीडीआर की पड़ताल की जा रही है।

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शिवराजपुर पुलिस सूत्रों के अनुसार क्षेत्र के बैरी, मड़ेरी, उधौ निवादा, शाह निवादा, वंशी निवादा, महिपालपुर, थाती निवादा, शुक्लापुर, मधई निवादा, शिवराजपुर सहित इलाके के एक दर्जन से अधिक गांवों के सीडीआर के माध्यम से रेलवे लाइन पर गैस सिलिंडर रखकर साजिश रचने वालों की खोजबीन की जाएगी। इसके लिए लगातार पुलिस की सर्विलांस टीम सक्रिय है। उधर, सहायक पुलिस आयुक्त बिल्हौर सुमित सुधाकर ने बताया कि मामले की उच्चाधिकारियों के निर्देशन में जांच जारी है। अलग-अलग स्तरों पर बारीकी से जांच पड़ताल हो रही है।

अब सोशल मीडिया के जरिए संदिग्धों की तलाश
कालिंदी एक्सप्रेस को नेवादा टॉल प्लाजा के पास डिरेल करने के प्रयास के मामले की जांच में जुटी पुलिस व जांच एजेंसियां आरोपियों तक पहुंचने का हर संभव प्रयास कर रही हैं। सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल नंबर के बाद अब सोशल मीडिया से जानकारी जुटा रही है। पुलिस यह जानने का प्रयास कर रही है कि घटना से पहले या बाद में संदिग्धों ने कोई ऐसी सामग्री तो पोस्ट नहीं की, जो पुलिस के लिए उपयोगी साबित हो सके।

पुलिस का दावा- सोशल मीडिया हैंडल उपयोगी साबित हो सकता
डीसीपी पश्चिम राजेश सिंह के अनुसार संदिग्धों की तलाश मेंं जुटी पुलिस की टीमें अब तक 100 से अधिक लोगों से पूछताछ कर चुकी है। इनमें 28 संदिग्ध ऐसे हैं, जिनकी विस्तृत जांच की जा रही है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक इन 28 लोगों के मोबाइल और सीसीटीवी फुटेज के बाद अब सोशल मीडिया हैंडल को भी देखा जा रहा है। संदिग्धों का एकाउंट चेक कर जानने का प्रयास किया जा रहा है कि घटना से पहले या बाद में कुछ पोस्ट तो नहीं किया था। इसके लिए साइबर की टीम लगाई गई है।

जीआरपी और आरपीएफ के साथ डाटा शेयर कर रही पुलिस
कालिंदी एक्सप्रेस की जांच में पुलिस ने अब जीआरपी और आरपीएफ को भी शामिल कर लिया है। पुलिस अब इन दोनों के साथ मिलकर डम्प मोबाइल डाटा की स्क्रीनिंग करने में लग गई है। एडीशनल सीपी कानून व्यवस्था हरीश चंदर के मुताबिक मोबाइल के अलावा रेल हादसों को लेकर जीआरपी और आरपीएफ के पास जो डाटा है, उसे भी मिलकर स्टडी किया जा रहा है। जो तथ्य सामने आएंगे, उसी अनुसार कार्रवाई को आगे बढ़ाया जाएगा।
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यह था मामला
कालिंदी एक्सप्रेस को शिवराजपुर में नेवादा टॉल प्लाजा के पास उड़ाने की साजिश रची गई थी। संदिग्धों ने एलपीजी भरा सिलिंडी रेलवे ट्रैक पर रख दिया था। ट्रेन की उससे कई बार टक्कर हुई थी। हालांकि वह फटा नहीं था। पुलिस ने जांच के दौरान सिलिंडर के साथ ही एक झोले से पेट्रोल भरी बोतल, पाउडर (विस्फोटक) और माचिस बरामद की थी। इसके बाद से पुलिस लगातार संदिग्धों तक पहुंचाने के लिए हर तरह का जतन कर रही है।
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