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नौकरी चाहतेे हैं तो इस नंबर पर करें कॉल

Tue, 06 Jun 2017 05:48 PM IST
हिमांशु मिश्रा, अमर उजाला, कानपुर
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क्या आपने कभी सोचा था कि एक कंपनी ऐसी भी आएगी जो आपके दरवाजे पर पहुंचकर आपको नौकरी ऑफर करेगी, यह हकीकत है। यकीन नहीं आता तो आईआईटी गुवाहाटी से बी.टेक करने के बाद चार दोस्तों द्वारा बनाई गई कंपनी ‘इजी नौकरी’ को देख लें।
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ये ऐसी इकलौती कंपनी है जो ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं को उनके घर जाकर उनके अनुसार, उनकी मनपसंद की नौकरी दिला रही है। खास बात है कि इसके लिए ग्रामीण युवाओं से पैसे नहीं वसूले जाते। यह मुफ्त सेवा है। 

पिछले साल फरवरी में शुरू हुई इस कंपनी ने कानपुर-बुुंदेलखंड क्षेत्र में तेजी से अपनी पकड़ बनाई है। अभी तक 300 से ज्यादा युवाओं को इसके जरिये रोजगार  मिल चुका है। अब यह कंपनी पूर्वांचल के युवाओं को भी लाभ देने में जुट गई है। कंपनी ने गोरखपुर, वाराणसी, गाजीपुर, इलाहाबाद, चंदौली में ग्रामीण युवाओं को नौकरी दिलाने का प्लान तैयार किया है। आईआईटीयंस के इस प्रोजेक्ट को आईआईटी कानपुर के सिडबी इनोवेशन एंड क्यूबेशन सेंटर की तरफ से 25 लाख रुपये का फंड भी स्वीकृत किया गया है। सेंटर के कोआर्डिनेटर प्रो. समीर खांडेकर ने बताया कि जल्द ही यह धनराशि ‘ईजी नौकरी’ कंपनी को दे दी जाएगी। 
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बांदा के होनहार ने बदल दी सूरत

इजी नौकरी कंपनी की शुरुआत करने वाले हेमंत, राहुल, निपुन और मोहित
‘इजी नौकरी’ कंपनी की शुरूआत मूल रूप से बांदा पटेलनगर गांव के रहने वाले राहुल पटेल ने अपने तीन अन्य दोस्तों के साथ मिलकर की। राहुल ने 2013 में आईआईटी गुवाहाटी से बी.टेक की पढ़ाई पूरी की। उनके साथ निपुन सरीन, हेमंत वर्मा ओर  घाटमपुर के मोहित सचान भी थे। पढ़ाई पूरी होते ही चारों को अलग-अलग कंपनियों में 12 से 15 लाख रूपये के पैकेज की नौकरी मिल गई। इस बीच वर्ष 2015 में राहुल अपने गांव पहुंचे तो उनसे कुछ ग्रामीण युवाओं ने नौकरी दिलाने की गुजारिश की।

बस फिर क्या था ‘ओयो रूम्स’ जैसी बड़ी कंपनी के लिए काम कर रहे राहुल ने तय कर लिया कि वह कुछ ऐसा करेंगे जिससे ग्रामीण युवाओं को आसानी से अच्छी नौकरी मिल सके। राहुल के मुताबिक देश की कई बड़ी कंपनियों, होटलों, रेस्टोरेंटों, फैक्ट्रियों में रोजगार की संभावनाएं हैं। इन्हें अच्छे कामगार नहीं मिलते और ग्रामीण युवाओं को अच्छी नौकरी नहीं मिलती। इसी को देखते हुए उन्होंने अपने दोस्तों के साथ मिलकर इस कंपनी की शुरूआत की।
 

इनके घर छाई खुशियां

नौकरी मिलने के बाद स्टेशन पर नियुक्ति पत्र दिखाते युवा
वैसे तो ‘इजी नौकरी’ के जरिये नौकरी हासिल करने वालों की संख्या 300 के पार है, लेकिन इनमें से कुछ ऐसे हैं जिनकी इस एक पहल से जिंदगी ही बदल गई। इन्हीं में से एक हैं घाटमपुर के सरदेपुर गांव के 23 वर्षीय ऋतिक यादव। ऋतिक आर्मी में जाना चाहते थे।

किसान परिवार से ताल्लुक रखने वाले ऋतिक ने दलालों के चक्कर में फंसकर दो लाख रुपये गंवा दिए। न नौकरी मिली और न ही पैसे वापस मिले। परिवार कर्ज में डूब गया। ऐसे समय ऋतिक को ‘इजी नौकरी’ का साथ मिला और उसे नोएडा की एक कंपनी में 7500 रुपये मासिक वेतन, रहना-खाना फ्री जैसी सुविधा के साथ नौकरी मिल गई। आज ऋतिक प्रमोशन पा चुके हैं। उनकी सेलरी 17500 हो चुकी है। इसी तरह चित्रकूट के पहाड़ी ब्लाक, गांव गदवार के रोहित कुमार, कानपुर के सरगांव के कुलदीप जैसे कई युवा हैं जिनकी जिंदगी में ये आईआईटीयन उम्मीद की मशाल बनकर आए।
 

ऐसे काम करती है कंपनी

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राहुल और उनकी टीम ने अपनी कंपनी ‘इजी नौकरी’ का समझौता देश की 30 से ज्यादा कंपनियों, होटलों, रेस्टोरेंटों आदि के साथ किया है। ये कंपनियां इजी नौकरी के जरिये ही अपने यहां कर्मचारियों की भर्ती करती हैं। इसके बदले कंपनी ‘इजी नौकरी’ को भुगतान करती है।

दूसरी तरफ आईआईटीयंस ने अलग-अलग गांवों के पढ़े लिखे व्यक्तियों को ‘नौकरी मित्र’ बनाया है। नौकरी मित्र के पास ‘इजी नौकरी’ का मोबाइल एप होता है। इसके जरिये वह अपने गांव के बेरोजगारों की प्रोफाइल, पहचान पत्र, शैक्षिक योग्यता आदि कंपनी तक पहुंचाते हैं।

यह डाटा मिलने के बाद ‘इजी नौकरी’ कंपनी अपने से जुड़ी कंपनियों में ही ग्रामीण युवाओं की नौकरी लगवाती है। खास बात है कि बेरोजगार युवाओं को नौकरी मिलते ही ‘इजी नौकरी’ की तरफ से संबंधित नौकरी मित्र को भी पांच सौ रुपये का भुगतान किया जाता है।
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आपके पास भी है मौका

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अगर आप भी रोजगार की तलाश में हैं तो यह आपके लिए सुनहरा मौका है। आप अपनी प्रोफाइल या रिक्वेस्ट ‘इजी नौकरी’  के वेबसाइट www.eezynaukari.com पर भेज सकते हैं। कंपनी में बतौर ‘नौकरी मित्र’ जुड़ने के लिए 8090286315 या 7084792000 पर संपर्क कर सकते हैं।
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