कानपुर के चकेरी के आईटीआई छात्र अभय कुशवाहा (22) की मौत की गुत्थी चार महीने बाद भी नहीं सुलझ सकी है। परिजनों का आरोप है कि विवेचकों की मिलीभगत और लापरवाही की वजह से आरोपी आजाद हैं। जरा सी भी जांच आगे नहीं बढ़ाई गई है। सोमवार को पीड़ित के परिजन रेलबाजार में स्थित क्राइम ब्रांच के दफ्तर में धरने पर बैठे। डीसीपी क्राइम ने उनकी बात समझी और जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया।
कैंट निवासी धीरेंद्र सिंह मौर्या का बेटा अभय कुशवाहा 9 जनवरी को पीएससी पुल के पास मृत मिला था। धीरेंद्र सिंह का आरोप था कि अभय के दोस्त उसको बर्थ डे पार्टी की बात कहकर ले गए थे, जिसके बाद उसकी हत्या कर शव फेंका गया था। करीब दस दिन बाद चकेरी पुलिस ने 22 लोगों पर हत्या का मुकदमा दर्ज किया था। अभय के चचेरे भाई ने बताया कि चकेरी इंस्पेक्टर मधुर मिश्रा ने मामले में कोई तफ्तीश नहीं की।