कोलकाता से आए डॉ. सुभाष सिंह और दिल्ली के डॉ. मुकेश गौतम ने बताया कि पोस्ट कोविड रोगियों में मानसिक दिक्कत बहुत हो रही है। इससे क्वालिटी ऑफ लाइफ प्रभावित हो रही है। होम्योपैथी दवाओं से मानसिक दिक्कत का इलाज हो जाता है। विशेषज्ञों ने इस संबंध में अपने प्रजेंटेशन भी दिए।
कोरोना वैरिएंट ओमिक्रॉन का संक्रमण होने से डेल्टा प्लस की तरह न तो मुंह का स्वाद जाता है और न ही सूंघने की शक्ति कम होती है। यह बस एक फ्लू संक्रमण की तरह लक्षण देता है। इसमें डेल्टा प्लस की तरह रोगी की मौत भी नहीं होती।
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केंद्रीय आयुष मंत्रालय ने कोरोना काल में होम्योपैथिक दवा का जो फार्मूला दिया था, वो फार्मूला ओमिक्रॉन में भी असर करेगा। ये बातें शनिवार को होम्योपैथिक फ्रैटरनिटी ऑफ उत्तर प्रदेश के बैनर तले आयोजित साइंटिफिक सेमिनार में जाने माने होम्योपैथ ने कहीं।
विशेषज्ञों ने कहा कि ओमिक्रॉन से घबराने की बात नहीं है। बस एहतियात बरतें। होम्योपैथिक दवाओं से वायरल संक्रमण का इलाज संभव है। विशेषज्ञों ने कोरोना के डेल्टा प्लस वैरिएंट को अधिक खतरनाक बताया। सीनियर होम्योपैथ डॉ. हर्ष निगम ने कहा कि ओमिक्रॉन का संक्रमण डेल्टा से अधिक तेजी से फैलता है।
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लेकिन इसकी मारक क्षमता कम है। इसके अलावा मुंह के स्वाद और सूंघने की शक्ति पर भी असर नहीं है। अभी तक जो रोगी देश-विदेश में आए हैं, उन्होंने ऐसी शिकायत नहीं की है। इससे मृत्यु दर लगभग शून्य है। ओमिक्रॉन बच्चों में भी फैल रहा है। इसके अलावा वैक्सीन लग जाने पर भी संक्रमण हो रहा है।
कोलकाता से आए डॉ. सुभाष सिंह और दिल्ली के डॉ. मुकेश गौतम ने बताया कि पोस्ट कोविड रोगियों में मानसिक दिक्कत बहुत हो रही है। इससे क्वालिटी ऑफ लाइफ प्रभावित हो रही है। होम्योपैथी दवाओं से मानसिक दिक्कत का इलाज हो जाता है। विशेषज्ञों ने इस संबंध में अपने प्रजेंटेशन भी दिए।