छात्रा ने हमास का नाम क्यों लिया
शनिवार को प्रतियोगिता के दौरान कक्षा दस की छात्रा ने कहा कि हमास ने इस्राइल पर हमला किया, फिर इस्राइल ने भी हमास पर अटैक कर दिया, जिससे काफी संख्या में बच्चों की मौत हुई। इसके बाद दूसरे पक्ष की कक्षा 11 और 12 की छात्राओं ने यह कहते हुए परिचर्चा में भाग लेने से मना कर दिया कि छात्रा ने हमास का नाम क्यों लिया।
छात्राएं माफी मंगवाने की बात पर अड़ी रहीं
छात्रा से माफी मांगने को कहा, लेकिन छात्रा ने ऐसा नहीं किया। इस पर हंगामा शुरू हो गया। पुलिस भी स्कूल पहुंच गई। प्रधानाचार्य ने हंगामा कर रहीं छात्राओं को कार्यालय में बुलाकर समझाया कि आपको हमास और इस्राइल से क्या मतलब, हम सभी भारतीय हैं पर छात्राएं माफी मंगवाने की बात पर अड़ी रहीं।
पोस्ट वायरल करना शुरू कर दिए
इसके बाद छात्राओं ने सोशल मीडिया पर मामले से जुड़े पोस्ट वायरल करना शुरू कर दिए। हंगामे के बाद से छात्रा स्कूल नहीं आई है। हिंदी टीचर शिल्पी रॉबर्ट ने बताया कि परिचर्चा का मुद्दा एक घंटे पहले ही छात्रों को बताया जाता है, इसके बारे में वह जानकारी जुटाकर अपना पक्ष रखते हैं।
सोशल मीडिया की पोस्ट की जानकारी मिलने के बाद मंगलवार को अभिभावकों को स्कूल बुलाया गया था। उन्हें पूरे प्रकरण की जानकारी दी गई। अभिभावकों ने छात्राओं से मुद्दे को तूल न देने और पढ़ने की सलाह देकर मामले को खत्म करा दिया है। -सनी वर्गीस, प्रधानाचार्य
हडर्ड स्कूल में वाद-विवाद प्रतियोगिता हुई थी। इसमें एक छात्रा की तरफ से हमास का नाम लिए जाने पर दूसरे पक्ष की छात्राओं ने आपत्ति जताई थी। दो दिन बाद स्कूल खुलने पर अभिभावक इस प्रकरण का विरोध दर्ज कराने पहुंचे थे। प्रिंसिपल ने छात्राओं के बीच झगड़े की बात को गलत बताया है। मामले में नजर रखी जा रही है। -चंद्रकांत मिश्रा, थाना प्रभारी, कोतवाली