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Irfan Solanki: फर्जी आधार कार्ड से हवाई यात्रा करने का मामला, इरफान का दूसरा जमानत प्रार्थना पत्र खारिज

Thu, 12 Sep 2024 02:36 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: इरफान के अधिवक्ता की ओर से तर्क रखा गया कि राजनीतिक कारणों से फर्जी व रंजिशन फंसाया गया है। कोई स्वतंत्र गवाह नहीं है। कल्पना के आधार पर रिपोर्ट दर्ज की गई है। इरफान के पास से कोई पहचान पत्र बरामद नहीं हुआ है।
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irfan solanki - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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कानपुर फर्जी आधार कार्ड से हवाई यात्रा करने के मामले में आरोपी पूर्व सपा विधायक इरफान सोलंकी का द्वितीय जमानत प्रार्थना पत्र भी एमपीएमएलए सेशन कोर्ट के विशेष न्यायाधीश सत्येंद्र नाथ त्रिपाठी ने खारिज कर दिया है। जमानत अर्जी पर सुनवाई के दौरान एडीजीसी भास्कर मिश्रा ने तर्क रखा कि पुलिस की गिरफ्तारी से बचने के लिए इरफान ने अशरफ अली के आधार कार्ड पर कूटरचना करके स्वयं की फोटो लगाकर उसी आधार कार्ड से दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे से मुंबई के छत्रपति शिवाजी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे तक का सफर इंडिगो की फ्लाइट से किया था।

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इशरत की निशानदेही पर कूटरचित आधार कार्ड भी बरामद किया जा चुका है। बता दें, ग्वालटोली थाने में दर्ज मुकदमे में इरफान सोलंकी, नूरी शौकत, अम्मार इलाही उर्फ अली, अशरफ अली उर्फ शेखू, इशरत, अनवर मंसूरी व अख्तर मंसूरी के खिलाफ धोखाधड़ी, कूटरचना व षड्यंत्र की धाराओं में पांच मार्च 2024 को आरोप तय किए जा चुके हैं।
सात साल कैद की सजा सुनाई जा चुकी है
इरफान पर जो आरोप लगे हैं उनमें उम्रकैद या दस साल तक की कैद और जुर्माने की सजा का प्रावधान है। आगजनी के मुकदमे में इरफान को पहले ही सात साल कैद की सजा सुनाई जा चुकी है। वहीं, इस मामले में पहला जमानत प्रार्थना पत्र जिला जज द्वारा 21 दिसंबर 2022 को खारिज किया जा चुका है।  इसके अलावा 17 फरवरी 2023 को हाईकोर्ट ने भी जमानत याचिका खारिज कर दी थी।

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अधिवक्ता का तर्क- फर्जी व रंजिशन फंसाया
इसके बाद 13 सितंबर 2023 को सुप्रीम कोर्ट ने विशेष याचिका को निरस्त कर दिया था, जिसके बाद सेशन कोर्ट में दूसरा जमानत प्रार्थना पत्र दाखिल किया गया।  इरफान के अधिवक्ता की ओर से तर्क रखा गया कि राजनीतिक कारणों से फर्जी व रंजिशन फंसाया गया है। कोई स्वतंत्र गवाह नहीं है।

पर्याप्त आधार न पाते हुए प्रार्थना पत्र खारिज किया
कल्पना के आधार पर रिपोर्ट दर्ज की गई है। इरफान के पास से कोई पहचान पत्र बरामद नहीं हुआ है। दो दिसंबर 2022 को पुलिस कमिश्नर कार्यालय में समर्पण कर दिया था। समर्पण के छह दिन बाद 8 दिसंबर को आधार कार्ड के टुकड़ों की बरामदगी बताई गई है। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने जमानत का पर्याप्त आधार न पाते हुए प्रार्थना पत्र खारिज कर दिया।
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पुलिस की रिपोर्ट में इरफान दोषसिद्ध नहीं
पुलिस ने जो रिपोर्ट कोर्ट भेजी उसमें इरफान को न्यायालय द्वारा दोषसिद्ध किए जाने का उल्लेख नहीं किया। इस पर कोर्ट ने आदेश की एक प्रति पुलिस कमिश्नर को इस आशय से भेजी कि भविष्य में जमानत प्रार्थना पत्र पर रिपोर्ट भेजने के संबंध में सभी बातों का उल्लेख किया जाए।
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