अधिवक्ता का तर्क- फर्जी व रंजिशन फंसाया
इसके बाद 13 सितंबर 2023 को सुप्रीम कोर्ट ने विशेष याचिका को निरस्त कर दिया था, जिसके बाद सेशन कोर्ट में दूसरा जमानत प्रार्थना पत्र दाखिल किया गया। इरफान के अधिवक्ता की ओर से तर्क रखा गया कि राजनीतिक कारणों से फर्जी व रंजिशन फंसाया गया है। कोई स्वतंत्र गवाह नहीं है।
पर्याप्त आधार न पाते हुए प्रार्थना पत्र खारिज किया
कल्पना के आधार पर रिपोर्ट दर्ज की गई है। इरफान के पास से कोई पहचान पत्र बरामद नहीं हुआ है। दो दिसंबर 2022 को पुलिस कमिश्नर कार्यालय में समर्पण कर दिया था। समर्पण के छह दिन बाद 8 दिसंबर को आधार कार्ड के टुकड़ों की बरामदगी बताई गई है। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने जमानत का पर्याप्त आधार न पाते हुए प्रार्थना पत्र खारिज कर दिया।
पुलिस की रिपोर्ट में इरफान दोषसिद्ध नहीं
पुलिस ने जो रिपोर्ट कोर्ट भेजी उसमें इरफान को न्यायालय द्वारा दोषसिद्ध किए जाने का उल्लेख नहीं किया। इस पर कोर्ट ने आदेश की एक प्रति पुलिस कमिश्नर को इस आशय से भेजी कि भविष्य में जमानत प्रार्थना पत्र पर रिपोर्ट भेजने के संबंध में सभी बातों का उल्लेख किया जाए।