सपा नेत्री पर लगे हैं ये आरोप
नूरी पर आरोप है कि उसने सहअभियुक्तों के साथ मिलकर अशरफ अली के आधार कार्ड को इरफान सोलंकी का आधार कार्ड बनाया फिर अपने बैंक एकाउंट से अशरफ के नाम से हवाई जहाज का टिकट निकलवाया। अपने ड्राइवर के साथ नई दिल्ली के इंदिरा गांधी एयरपोर्ट तक इरफान को छोड़ा।
वहीं, गिरफ्तारी से बचाने के लिए उसे भगा दिया। वहीं नूरी के अधिवक्ता ने तर्क रखा कि नूरी ने कोई अपराध नहीं किया। उसे झूठा फंसाया गया है। नूरी के भाई अशरफ अली बाहर जाना चाहते थे। इसलिए उनके नाम से अपने एकाउंट से टिकट बुक किया था।
अधिवक्ता ने रखा ये तर्क
नूरी की सगी बहन दिल्ली में रहती हैं। उनकी तबीयत खराब होने की जानकारी मिलने पर नूरी उनसे मिलने दिल्ली गई थी। न कि इरफान को भगाने के लिए गई थी। नूरी का अपने पति से विवाद चल रहा है। पति-पत्नी अलग-अलग रहते हैं।
नूरी का छह साल का बेटा है, जिसके लालन-पालन की पूरी जिम्मेदारी नूरी पर है। नूरी के जेल में रहने की वजह से बेटा बीमार हो गया है। मानवीय आधार पर नूरी को जमानत पर रिहा किया जाना चाहिए। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने नूरी की जमानत मंजूर कर ली।