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Kanpur: नूरी शौकत को भी मिली जमानत, बेटे की देखभाल को बनाया आधार, अधिवक्ता का तर्क-  बेटा हो गया है बीमार

Wed, 18 Jan 2023 10:37 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

इरफान को भगाने के मामले में डेढ़ माह से नूरी शौकत जेल में बंद है। हाईकोर्ट ने सुनवाई के बाद नूरी की जमानत मंजूर कर ली है। अपने छह साल के बच्चे की देखभाल को जमानत का आधार बनाया है।
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सपा नेत्री नूरी शौकत - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कानपुर में जाजमऊ आगजनी कांड के मुख्य आरोपी सपा विधायक इरफान सोलंकी को फर्जी आधार के जरिये भगाने में मदद करने की आरोपी सपा नेत्री नूरी शौकत को हाईकोर्ट से जमानत मिल गई है। नूरी 30 नवंबर 2022 से जेल में बंद है।

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छह साल के बच्चे की देखभाल न हो पाने और बीमारी के चलते हाईकोर्ट ने डेढ़ माह से जेल में बंद नूरी को राहत दे दी है। नूरी के ड्राइवर अम्मार इलाही को पहले ही जमानत मिल चुकी है। इरफान को भगाने में मदद करने और धोखाधड़ी के आरोप में ग्वालटोली थाने में 26 नवंबर 2022 को रिपोर्ट दर्ज की गई थी।
इसमें इरफान, उनके दो साले व सपा नेत्री नूरी शौकत समेत आठ लोगों को आरोपी बनाया गया था। नूरी की जमानत अर्जी सेशन कोर्ट से खारिज होने के बाद हाईकोर्ट में जमानत की गुहार लगाई गई थी। अभियोजन की ओर से तर्क रखा गया कि इरफान की यात्रा के लिए बुक कराए गए टिकट का पैसे नूरी के खाते से ही कटा है।

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सपा नेत्री पर लगे हैं ये आरोप
नूरी पर आरोप है कि उसने सहअभियुक्तों के साथ मिलकर अशरफ अली के आधार कार्ड को इरफान सोलंकी का आधार कार्ड बनाया फिर अपने बैंक एकाउंट से अशरफ के नाम से हवाई जहाज का टिकट निकलवाया। अपने ड्राइवर के साथ नई दिल्ली के इंदिरा गांधी एयरपोर्ट तक इरफान को छोड़ा।

वहीं, गिरफ्तारी से बचाने के लिए उसे भगा दिया। वहीं नूरी के अधिवक्ता ने तर्क रखा कि नूरी ने कोई अपराध नहीं किया। उसे झूठा फंसाया गया है। नूरी के भाई अशरफ अली बाहर जाना चाहते थे। इसलिए उनके नाम से अपने एकाउंट से टिकट बुक किया था।

अधिवक्ता ने रखा ये तर्क
नूरी की सगी बहन दिल्ली में रहती हैं। उनकी तबीयत खराब होने की जानकारी मिलने पर नूरी उनसे मिलने दिल्ली गई थी। न कि इरफान को भगाने के लिए गई थी। नूरी का अपने पति से विवाद चल रहा है। पति-पत्नी अलग-अलग रहते हैं।
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नूरी का छह साल का बेटा है, जिसके लालन-पालन की पूरी जिम्मेदारी नूरी पर है। नूरी के जेल में रहने की वजह से बेटा बीमार हो गया है। मानवीय आधार पर नूरी को जमानत पर रिहा किया जाना चाहिए। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने नूरी की जमानत मंजूर कर ली।
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