यूपी से जल्द से जल्द बाहर भेजना था
अशरफ ने कहा कि विधायक को भनक लग चुकी थी कि पुलिस गिरफ्तारी कर बड़ी कार्रवाई करेगी। इसलिए उनका पहला मकसद था कि वह जल्द से जल्द यूपी छोड़ दें। चूंकि मुंबई में विधायक के रिश्तेदार रहते हैं, इसलिए उन्होंने मुंबई जाने की बात कही थी। तब आधार तैयार कर उनकी टिकट बुक की गई थी।
आधार बनाने वाला अली विधायक का खास
अशरफ ने बताया कि अली नाम के शख्स ने फर्जी आधार बनाया था। उसको खुद इरफान ने बुलाया था। अली कर्नलगंज का रहने वाला है। इसके अलावा उसके पास अली के बारे में कोई जानकारी नहीं है। अशरफ का कहना था कि अली इरफान का ही परिचित है। हालांकि पुलिस अपने स्तर से अली की तलाश कर रही है।
आधार नष्ट होने का दावा, बढ़ सकती है साक्ष्य मिटाने की धारा
अशरफ अली ने पूछताछ में दावा किया कि उसकी जानकारी के मुताबिक जो फर्जी आधार कार्ड बनाया गया था वह नष्ट कर दिया गया। मुंबई पहुंचने के बाद विधायक ने खुद ही आधार नष्ट किया था। पुलिस इस पहलू की जांच कर रही है। ये तथ्य सही साबित होता है, तो पुलिस केस में साक्ष्य मिटाने की धारा को जोड़ेगी।
बता दें कि जाजमऊ थाने में आठ नवंबर को नजीर फातिमा की तहरीर पर इरफान सोलंकी, उनके भाई रिजवान व अन्य अज्ञात 55 पर आगजनी, रंगदारी का मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस का दावा था कि इरफान ने फर्जी आधार बनाकर दिल्ली से मुंबई का हवाई सफर किया था।
26 नवंबर को ग्वालटोली पुलिस ने इस मामले में मुकदमा दर्ज कर सपा नेत्री पूरी शौकत, उसके ड्राइवर अम्मार इलाही, विधायक के साले अनवर व मंसूर को जेल भेजा था। इस केस में नूरी शौकत का भाई अशरफ अली उर्फ शेखू भी नामजद था
सपा विधायक इरफान सोलंकी की मदद करने वाली सपा नेत्री के भाई अशरफ अली को पुलिस ने मंगलवार को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है। पूछताछ में आरोपी ने विधायक को शरण देने की बात कबूल की। यह भी बताया कि फर्जी आधार विधायक के खास ने बनाया था।