आईपीएस सुरेंद्र कुमार दास और डॉ. रवीना सिंह का ब्याह मेट्रीमोनियल साइट के जरिए हुई थी। सुरेंद्र और डॉ.रवीना दोनों ने इस साइट पर शादी का विज्ञापन दिया था। दोनों परिवारों में तीन महीने तक शादी की बातचीत चली थी। यह बात रविवार को सुरेंद्र कुमार के बड़े भाई नरेंद्र ने बताई।
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आईपीएस सुरेंद्र कुमार दास
नरेंद्र ने बताया कि आईपीएस बनने के बाद सुरेंद्र की शादी के लिए परिजनों ने युवती की तलाश शुरू की थी। मेट्रीमोनियल साइट के जरिए पहले हरियाणा की युवती मोनिका को पसंद किया था। दोनों में टेलीफोन पर बातचीत भी हुई थी। सुरेंद्र ने घरवालों के साथ युवती को देखा था। सुरेंद्र को मोनिका पसंद थी लेकिन मां इंदू ने नापसंद कर दिया था। मां की इच्छा को ध्यान में रखकर सुरेंद्र ने मोनिका से शादी नहीं की थी।
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आईपीएस सुरेंद्र कुमार दास
इसके बाद सुरेंद्र ने साइट पर डॉ. रवीना का बायोडॉटा देखा और परिजनों के कहने पर वे लोग डॉ. रवीना के घर शादी का प्रस्ताव लेकर गए थे। तीन महीने तक उनके और डॉ.रवीना के परिवार में शादी को लेकर बातचीत चली थी। इसके बाद 9 अप्रैल 2017 को लखनऊ स्थित होटल रमाडा में शादी हुई थी।
बहन सावित्री से सुरेंद्र की बनती थी
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आईपीएस सुरेंद्र कुमार दास
नरेंद्र ने बताया कि उनके पिता रामचंद्र दास सेना से सूबेदार पद से रिटायर हुए थे। रिटायरमेंट के बाद सेना ने उन्हें कैप्टन की मानद पदवी दी थी। 2008 में पिता की मौत हो गई थी। सुरेंद्र की मौत के बाद अब परिवार में उनके अलावा उनकी पत्नी सुनीता, बेटे गौरव व वरुण तथा मां इंदू हैं। दोनों बहनों सावित्री और सुनीता की शादी हो चुकी है। सावित्री की बिहार और सुनीता की असम में शादी हुई है।
सावित्री परिवार के साथ यहां आ गई है, लेकिन सुनीता नहीं आ सकी है। नरेंद्र के मुताबिक सुरेंद्र और सावित्री में ज्यादा बनती थी। सुरेंद्र ज्यादातर सावित्री से ही फोन पर बात करता था, लेकिन उसे भी घर में चल रही टेंशन के बारे में कुछ नहीं बताया।
नरेंद्र ने बताया कि सुरेंद्र कुमार ने पांचवी कक्षा तक बलिया के एक स्कूल में पढ़ाई की थी। इसके बाद बलिया में नवोदय विद्यालय से हाईस्कूल की परीक्षा पास की। 12 वीं की परीक्षा लखनऊ से पास करने के बाद खड़गपुर आईआईटी से बीटेक किया। इसके बाद लखनऊ में रहकर सुरेंद्र ने सिविल सर्विसेज की तैयारी की। बिना कोचिंग के उसने परीक्षा दी और 2014 में आईपीएस बने।