बेहमई कांड की मूल केस डायरी गायब होने की जांच रिपोर्ट कोर्ट में दाखिल हो चुकी है। मामले की सुनवाई अब 24 दिसंबर को होगी। डीजीपी ने कानपुर एसएसपी के नेतृत्व में तीन सदस्यीय टीम गठित कर जांच कराई थी। कोर्ट की पत्रावली में मूल केस डायरी न होने से फैसला टल गया था।
एक बार फैसला आने की उम्मीद जगी है। देश भर में चर्चित बेहमई कांड की सुनवाई पूरी होने के बाद मूल केस डायरी पत्रावली में न मिलने से फैसला टल गया था। कोर्ट ने मूल केस डायरी पुलिस से तलब की थी। इसके बाद भी केस डायरी कोर्ट को उपलब्ध नहीं कराई जा सकी थी।
कोर्ट ने एसपी को पत्र लिखा था। तत्कालीन एसपी अनुराग वत्स ने कोर्ट से मूल केस डायरी उपलब्ध कराने के बाबत समय मांगा था। उन्होंने जांच रिपोर्ट कोर्ट को सौंपी थी। इससे कोर्ट संतुष्ट नहीं हुआ था। कोर्ट ने डीजीपी को पत्र लिखा था।
डीजीपी ने कानपुर एसएसपी, एसपी क्राइम व सीओ अकबरपुर की तीन सदस्यीय टीम गठित की थी। टीम ने केस डायरी के बाबत छानबीन की। इसी एक अप्रैल को जांच रिपोर्ट कोर्ट में दाखिल कर दी थी। कोर्ट ने सुनवाई की तिथि 24 दिसंबर तय की है। इस बार सुनवाई के दौरान यह मूल केस डायरी को लेकर स्थिति साफ हो सकेगी।
हालांकि, कानून के जानकारों का मानना है कि मूल केस डायरी न मिलने से फैसले में कोई असर नहीं पड़ेगा। वादी राजाराम सिंह की 12 दिसंबर की शाम मौत हो चुकी है। उनके निधन से कोर्ट के फैसले पर कोई असर नहीं पड़ने वाला है, क्योंकि उनके बयान कोर्ट में हो चुके हैं।