मैं काम के बोझ से ऊब चुका हूं...इसलिए जान दे रहा हूं...। मैं अपने परिवार से बहुत प्यार करता हूं...। मेरे बाद मेरे परिवार का ख्याल रखा जाए...। कुछ ऐसे ही शब्दों को सुसाइड नोट पर लिख कर इंश्योरेंस कंपनी के अकाउंटेंट ने गुरुवार को फांसी लगा ली।
कमरे से बाहर न आने पर पड़ोसियों ने दरवाजा खोला तो उनका शव फंदा से लटका देख हड़कंप मच गया। रेल बाजार थाना क्षेत्र के शांति नगर में किराये के मकान में रहने वाले ललित सोनकर (45) सर्वोदय नगर स्थित न्यू इंडिया इंश्योरेंस कंपनी में अकाउंटेंट थे।
वह पत्नी खुशबू व बेटी अंबी के साथ यहां रहते थे। मां उमादेवी व छोटा भाई अमित खपरा मोहाल स्थित पैतृक आवास में रहते हैं। चचेरे भाई ऋषि ने बताया कि दो दिन पूर्व भाभी खुशबू अपनी बेटी संग लखनऊ में आयोजित एक मांगलिक कार्यक्रम में चली गई थीं।
बुधवार की शाम ललित खपरा मोहाल स्थित मां के घर गए। वहीं खाना खाने के बाद सो गए थे। गुरुवार सुबह करीब 8 बजे शांति नगर स्थित अपने घर आ गए। इसके बाद दरवाजा बंद कर पंखे के कुंडे से दुपट्टे के सहारे फांसी लगा ली। मोहल्ले में रहने वाले पिंटू व ऋषभ उन्हें उठाने कमरे पर पहुंचे तो शव फंदे से लटका देख पुलिस को सूचना दी। फोरेंसिक टीम ने भी साक्ष्य जुटाए हैं।