कानपुर देहात। किशोरी से छेड़छाड़ व मारपीट के आरोपी राजपुर थाने से निलंबित इंस्पेक्टर की मुश्किलें और बढ़ती नजर आ रही हैं। किशोरी के आरोपों पर उन्हें निलंबित कर उन पर रिपोर्ट दर्ज करा दी गई। इसकी भनक लगते ही उसी दिन इंस्पेक्टर ने जल्दबाजी में बीएसएफ जवान को गोली मारकर लूट के मामले में फाइनल रिपोर्ट लगा दी। इसकी जानकारी होते ही उच्चाधिकारियों ने जांच के आदेश दिए। इस पर एसपी ने सीओ सिकंदरा से जांच शुरू कराई है।
राजपुर थाने के इंस्पेक्टर विनोद को किशोरी से छेड़छाड़ करने व धमकाने के आरोप में दो सितंबर को निलंबित किया गया था। इसकी जानकारी लगते ही इंस्पेक्टर ने उसी दिन बीएसएफ जवान जैनपुर निवासी शैलेंद्र सिंह को गोली मारकर लूट की घटना में फाइनल रिपोर्ट लगा दी। बांग्लादेश सीमा पर तैनात शैलेंद्र सिंह छुट्टी पर घर आए थे और वह 13 अगस्त की रात फुफेरे भाई वीरू के साथ बाइक से रसधान स्थित ठेके से बीयर लेकर लौट रहे थे।
शैलेंद्र के मुताबिक सिलहरा रोड पर वैना गांव के अजीत, सुनील, छोटू, वीर सिंह व कुछ अज्ञात लोगों ने उन पर तीन फायर किए थे। इसमें शैलेंद्र सिंह के सीने के पास गोली लगी थी। घायल अवस्था में उसे पुलिस ने सीएचसी पहुंचाया था। वहां से हैलट रेफर कर दिया गया था। बीएसएफ जवान के भाई ने सोने की चेन व 26 हजार रुपये लूट का आरोप लगा रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
केस दर्ज करने के दौरान पुलिस ने खेल करते हुए जानलेवा हमले का जिक्र रिपोर्ट में नहीं किया। केवल लूट की रिपोर्ट दर्ज की। इधर निलंबन की भनक लगते ही इंस्पेक्टर ने दो सितंबर को ही लूट के मामले में फॉरेंसिक टीम की रिपोर्ट व बयानों के आधार पर फाइनल रिपोर्ट लगा दी। पीड़ित पक्ष ने इंस्पेक्टर पर मोटी रकम लेकर एफआर लगाने का आरोप लगाया है।
मामला उच्चाधिकारियों के संज्ञान में पहुंचा तो जांच के निर्देश दिए गए। इस पर एसपी ने जांच भी शुरू करा दी है। एसपी केशव कुमार चौधरी ने बताया कि मामले की जांच सीओ सिकंदरा से कराई जा रही है। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।