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पुलिस की संवेदनहीनता: मंदबुद्धि युवती से दुष्कर्म का मामला, न मेडिकल...न मजिस्ट्रेटी बयान, नहीं ली थी कोई सुध

Fri, 09 Jun 2023 08:27 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur Crime: चकेरी थाना क्षेत्र में मानसिक विक्षिप्त युवती से दुष्कर्म के मामले में पुलिस ने संवेदनहीनता की सारी हदें पार कर दीं। पीड़िता का न मेडिकल कराया और न ही मजिस्ट्रेटी बयान दर्ज कराए। मामले में अधिकारियों ने चकेरी इंस्पेक्टर को फटकार लगाई है।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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कानपुर में मंदबुद्धि युवती के साथ रेप के मामले में चकेरी पुलिस ने संवेदनहीनता की हदें पार कर दी। पहले पुलिस इस मामले में एफआईआर दर्ज करने से कतराती रही। ज्वाइंट सीपी के हस्ताक्षेप के बाद एफआईआर हुई तो पीड़िता को ऐसे ही छोड़ दिया। न उसका मेडिकल परीक्षण कराया और न ही मजिस्ट्रेट के सामने बयान दर्ज कराए।

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पीड़िता बहन के साथ गुरुवार को पुलिस कमिश्नर ऑफिस शिकायत दर्ज कराने पहुंची। इस पर अधिकारी ने इंस्पेक्टर चकेरी को फटकार लगाई। इसके बाद महिला थाना इंचार्ज को पीड़िता का मेडिकल कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई। तब जाकर मेडिकल परीक्षण हो सका।
बुधवार को चकेरी निवासी महिला ने अपनी मंदबुद्धि बहन के साथ रेप होने की शिकायत दर्ज कराई थी। उसने थाने के पीछे अवैध टैम्पो स्टैंड लगाने वाले अमित सिंह पर घटना को अंजाम देने का आरोप लगाया। साथ ही कहा कि पहली बार घटना करने के बाद उसने बहन को 50 रुपए और दूसरी बार 20 रुपए दिए थे।

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मामले में पुलिस ने नहीं ली कोई सुध
इस मामले में रात में ज्वाइंट कमिश्नर आनंद प्रकाश तिवारी के हस्ताक्षेप के बाद एफआईआर दर्ज हो सकी। इसके बाद पुलिस ने गुरुवार सुबह से मामले में कोई सुध नहीं ली। न ही पीड़िता को सुरक्षा उपलब्ध कराई गई। महिला बताया कि उनकी 20 वर्षीय बहन मानसिक रूप से बीमार है जिसका उपचार चल रहा है।

अवैध स्टैंड संचालक व साथियों पर धमकाने का आरोप
पीड़िता अपनी बहन के साथ पुलिस कमिश्नर ऑफिस पहुंची जहां उन्होंने आरोप लगाया कि चकेरी पुलिस इस मामले में कार्रवाई नहीं कर रही है। आरोपी अमित सिंह से समझौता करने के लिए एक ज्वैलर्स दबाव बना रहा है और धमकी दे रहा है।
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महिला थाना इंचार्ज को मेडिकल कराने की जिम्मेदारी
पीड़िता ने कहा कि पुलिस ने अब तक बहन का मेडिकल नहीं कराया और मजिस्ट्रेट के सामने बयान भी दर्ज नहीं कराए हैं। पुलिस कमिश्नर ने महिला थाना इंचार्ज को मेडिकल कराने की जिम्मेदारी सौंपी। तब जाकर गुरुवार को पीड़िता का मेडिकल परीक्षण हो सका।
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