तीन दिन बाद दर्ज किया था केस, थानेदार पर भी सवाल
परिजनों ने बताया कि बच्ची के अपहरण होने के तुरंत बाद उन्होंने पुलिस से संपर्क किया था। शिकायती पत्र भी दिया था। मगर पुलिस ने एक न सुनी थी। कई बार थाने चौकी के चक्कर काटने के बाद हरबंश मोहाल पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर खानापूर्ति कर ली थी। पूरे मामले में हरबंश मोहाल थानेदार भी सवालों के घेरे में हैं। अगर उनके थाने में गंभीर मामला दर्ज हुआ, तो उसमें कार्रवाई की जिम्मेदारी उनकी भी है।
सीसीटीवी में कैद है घटना, संवेदनहीनता की पराकाष्ठा
होटल का सीसीटीवी फुटेज भी उपलब्ध है, जिसमें महिला बच्ची को ले जाते हुए दिख रही है। इसके बावजूद पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही है। ये संवेदनहीनता की पराकाष्ठा है।
बच्ची की तलाश के लिए टीम लगा दी गई है। जल्द उसकी खोजबीन कर ली जाएगी। दरोगा पर लगे आरोपों की भी जांच कलक्टरगंज एसीपी से कराई जा रही है। आरोप सही पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी। - आनंद प्रकाश तिवारी, ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर