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संवेदनहीन पुलिस: डेढ़ महीने की बच्ची के अपहरण का मामला, परिजनों से दरोगा बोला-खोजने में 50 हजार लगेंगे

Tue, 03 May 2022 09:16 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

हरबंश मोहाल थाना क्षेत्र में लगभग एक महीने पहले डेढ़ महीने की बच्ची के अपहरण का मामला सामने आया था, जिसे पुलिस अभी तक नहीं ढू़ढ पाई है। वहीं,मासूम बच्ची को खोजने के लिए दरोगा ने 50 हजार रुपये की मांग की है।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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कानपुर में कमिश्नरी पुलिस पर एक बार फिर बड़ा आरोप लगा है। डेढ़ महीने की मासूम बच्ची को खोजने के लिए दरोगा ने पीड़ित परिजनों से 50 हजार रुपये की मांग की। परिजन रकम देने में असमर्थ हैं, लिहाजा उन्होंने अफसरों से शिकायत की। इसके बाद दरोगा की भूमिका की जांच शुरू हो गई है। दूसरी तरफ बच्ची की तलाश के लिए टीम गठित की गई है। शुरू से ही इस मामले में पुलिस का रवैया बेहद संवेदनहीन रहा है।

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 मूलरूप से उन्नाव निवासी शांति देवी ने बताया कि तीन अप्रैल को वह गाजीपुर से ट्रेन से कानपुर आ रही थीं। उनके साथ उनकी डेढ़ महीने की बेटी सृष्टि भी थी। इस दौरान ट्रेन में बातचीत करते करते एक महिला से दोस्ती हो गई। वह महिला साथ में कानपुर सेंट्रल पर उतरी। फिर खाना खिलाने के लिए एक होटल में ले गई। खाना खाते वक्त अचानक से वो महिला बच्ची को लेकर चली गई।
पुलिस ने मामला दर्ज किया, लेकिन अब तक उसकी खोजबीन शुरू नहीं की। सोमवार को शांति देवी व उनके पति राम किशोर ने बताया कि दरोगा ने उनसे बच्ची की तलाश के लिए बिहार जाने की बात कही। जब उन्होंने कहा कि किसी तरह से भी बच्ची को खोज लाएं, तो दरोगा ने उनसे 50 हजार रुपये की मांग की।

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तीन दिन बाद दर्ज किया था केस, थानेदार पर भी सवाल
परिजनों ने बताया कि बच्ची के अपहरण होने के तुरंत बाद उन्होंने पुलिस से संपर्क किया था। शिकायती पत्र भी दिया था। मगर पुलिस ने एक न सुनी थी। कई बार थाने चौकी के चक्कर काटने के बाद हरबंश मोहाल पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर खानापूर्ति कर ली थी। पूरे मामले में हरबंश मोहाल थानेदार भी सवालों के घेरे में हैं। अगर उनके थाने में गंभीर मामला दर्ज हुआ, तो उसमें कार्रवाई की जिम्मेदारी उनकी भी है।
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सीसीटीवी में कैद है घटना, संवेदनहीनता की पराकाष्ठा
होटल का सीसीटीवी फुटेज भी उपलब्ध है, जिसमें महिला बच्ची को ले जाते हुए दिख रही है। इसके बावजूद पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही है। ये संवेदनहीनता की पराकाष्ठा है।
 
बच्ची की तलाश के लिए टीम लगा दी गई है। जल्द उसकी खोजबीन कर ली जाएगी। दरोगा पर लगे आरोपों की भी जांच कलक्टरगंज एसीपी से कराई जा रही है। आरोप सही पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी। - आनंद प्रकाश तिवारी, ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर
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