पूर्व केंद्रीय मंत्री मुरली मनोहर जोशी ने भारत और बांग्लादेश के बीच भूमि स्थानांतरण प्रक्रिया अविलंब शुरू करने को कहा है।
सार्क समिट में प्रधानमंत्री मोदी की तरफ से लिए गए इस निर्णय का स्वागत करते हुए उन्होंने कहा कि दोनों देशों की संस्कृति में काफी समानता है। ऐसे में युवाओं को काफी फायदा होगा।
साथ ही देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में भी सहायता मिलेगी।
कानपुर सांसद जोशी ने मंगलवार को पत्रकारों से हुई बातचीत में कहा कि इस नई व्यवस्था से आर्थिक प्रगति तेज होगी। उन्होेंने कहा कि दोनों देशों का इतिहास एक ही रहा है।
दोनों देशों के राष्ट्रगीत की रचना महान साहित्यकार रवींद्र नाथ टगौर ने की है। इसी तरह बंगाल के पहचान कहे जोन वाले काजी नजरूल इस्लाम भारत और बंगलादेश में समान रूप से प्रसिद्ध हैं।
उन्होंने लोकसभा सदस्यों से इस मामले में पूरा सहयोग देने की भी अपील की।