इनके पास है एनओसी
जिले के बृजराज हास्पिटल हमीरपुर, आलोक नर्सिंग होम हमीरपुर, विमल नर्सिंग होम हमीरपुर, ब्रह्मानंद नर्सिंग होम राठ, बृजरानी हास्पिटल राठ, ममता आई केयर मौदहा आदि।
ये हैं बिना एनओसी
जेके हाॅस्पिटल राठ, आदित्य हाॅस्पिटल राठ, मेहरवान हाॅस्पिटल राठ, जेएस कान्हा हाॅस्पिटल राठ, सतीश चंद्र मेमोरियल हाॅस्पिटल राठ, बुंदेलखंड हाॅस्पिटल राठ, प्रांजुल नर्सिंग होम कुछेछा हमीरपुर, इसके अलावा जिला अस्पताल (महिला एवं पुरुष), नौ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, 34 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के पास अग्निशमन विभाग की एनओसी नहीं है।
जिले के छह निजी अस्पतालों के पास ही एनओसी है। जिला अस्पताल सहित कई निजी अस्पतालों के पास एनओसी नहीं हैं। जिससे कभी भी आग लगने की घटना हो सकती है। सभी अस्पतालों को नोटिस जारी किया जा चुका है। इसको लेकर सीएमओ कार्यालय को कई बार पत्राचार किया जा चुका है। अभी कुछ अस्पतालों में फायर उपकरण ही लगे हैं सभी मानक पूरे नहीं हैं। -राहुल पाल सिंह, मुख्य अग्निशमन अधिकारी
जिले के सरकारी अस्पतालों में आग बुझाने के उपकरण लगे हैं। इस संबंध में अग्निशमन विभाग को भी पत्राचार किया गया है। अन्य जो कमियां हैं उनको दिखवाकर दूर करने का प्रयास किया जा रहा है। इसको लेकर शासन को पत्राचार किया गया है। -डॉ. एके रावत, सीएमओ
आग से बचाव के लिए क्या इंतजाम होना चाहिए
फायर उपकरण लगे होने चाहिए। स्मोक डिटेक्टर (फायर अलार्म), पानी के लिए टू वे प्वाइंट, रैंप, 450 एलपीएम लगा होना चाहिए। 200 स्क्वायर फीट एरिया के अस्पताल में पानी का टैंक व स्प्रिंकलर लगा होना चाहिए। अस्पताल तक फायर वाहन के पहुंचने की जगह होनी चाहिए। अस्पताल में कम से कम दो गेट होने चाहिए।