साहब! अभी मैं और हमारी मां व भाई जिंदा है। लेखपाल ने खतौनी में मृत दिखाकर वरासत किसी और के नाम कर दी। अब युवती अपनी मां और भाई को जिंदा साबित करने के लिए राजस्व परिषद व मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर कार्रवाई करने की गुहार लगा रही है। पीड़ित परिवार के लोग जिंदा होने का अभिलेख लेकर अफसरों के कार्यालयों के चक्कर लगा रहे हैं। इसी तरह का मामला फिल्म कागज में दिखाया गया था।
यह मामला फतेहपुर जिले के बिंदकी तहसील क्षेत्र का है, जहां दादनखेड़ा निवासी अनामिका सिंह पुत्री स्व. गुलाब सिंह ने राजस्व परिषद को भेजे पत्र में कहा है कि आठ दिसंबर 2019 को पिता गुलाब सिंह की मौत हो गई थी। पहली फरवरी 2021 को पिता की चल-अचल संपत्ति उसकी मां ममता देवी, भाई प्रिंस सिंह और उसके नाम दर्ज हो गई थी।