फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सीएसजेएमयू में राज्यपाल ने कहा: 21वीं सदी के बच्चे बहुत स्मार्ट, शिक्षकों को भी होना होगा

Fri, 26 Nov 2021 01:02 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
विज्ञापन
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
कानपुर छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) एवं औद्योगिक इकाइयों और संगठन की ओर से विश्वविद्यालय में आंगनबाड़ियों को सुविधा संपन्न बनाने के लिए आवश्यक सामग्री का वितरण किया गया। इसमें कुलाधिपति एवं राज्यपाल आनंदीबेन पटेल भी शामिल हुईं।
विज्ञापन


उन्होंने संस्कारवान शिक्षा को जरूरी बताया। कहा कि इससे बच्चे बचपन से ही सही और गलत की पहचान करना सीखते हैं। कहा कि 21वीं सदी के बच्चे बहुत तेज और स्मार्ट हैं। ऐसे में शिक्षकों और आंगनबाड़ियों को भी स्मार्ट होना होगा। इसके अलावा पाठ्यक्रम में भी बदलाव होना चाहिए। 

राज्यपाल ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को प्रशिक्षित करना जरूरी है। कुछ ऐसे कोर्स बनाने की जरूरत है, जो समाज की कुप्रथाओं के प्रति जागरूक करें। उन्होंने कहा कि इन कोर्सों को करने के बाद छात्र खुद अपने आसपास हो रहे बाल विवाह और प्रथा को रोकें।
विज्ञापन


आंगनबाड़ी और प्राइमरी शिक्षा को बेहतर बनाने की जरूरत
राज्यपाल ने कहा कि उच्च शिक्षा को बेहतर बनाने से पहले आंगनबाड़ी और प्राइमरी शिक्षा को बेहतर करना होगा। आंगनबाड़ी अच्छा कार्य कर रहे हैं। 5वें राष्ट्रीय स्वास्थ्य सर्वे की रिपोर्ट के मुताबिक संस्थागत प्रसव 67 प्रतिशत से बढ़कर 83 फीसदी और सेनेटरी पैड का यूज 47 फीसदी से बढ़कर 73 फीसदी हो गया है। अब भी 10 फीसदी गर्भवती महिलाएं डायबिटीज, 20 फीसदी हाई ब्लडप्रेशर और 50 फीसदी एनीमिया के शिकार हो रही हैं। इसलिए जागरुकता लाना जरूरी है। 

 

गुजरात की तर्ज पर बनेगा यूपी
राज्यपाल ने कहा कि गुजरात में हर चौराहे पर गायों के लिए चारा है। गांवों की दशा काफी अच्छी है। यूपी के मुख्यमंत्री गायों की स्थिति को लेकर काफी चिंतित हैं। वह प्रदेश की गोशाला अच्छी बनाने के साथ गायों को स्वस्थ रखने को लेकर योजना तैयार कर रहे हैं। इस कार्य में सभी को मुख्यमंत्री का साथ देना होगा। 

एचबीटीयू के गोद लिए रोगी टीबीमुक्त
एचबीटीयू में भी अपने संबोधन में राज्यपाल ने कहा कि संस्थान ने 10 टीबी रोगियों को गोद लिया था, जो अब पूरी तरह बीमारी मुक्त हो गए हैं। सीएसजेएमयू के गोद लिए हुए बच्चे भी टीबी मुक्त हो गए हैं। देश को 2025 तक टीबी मुक्त बनाना है। इसलिए विवि बढ़-चढ़कर हिस्सा लें। राज्यपाल ने सीएसजेएमयू में टीबी मुक्त देश की शपथ भी दिलाई। 

महिलाओं की रिहाई की अपील 
राज्यपाल ने कहा कि प्रदेश की जेल का दौरा किया तो बड़ी हैरानी हुई। जेल में बड़ी संख्या में महिलाएं बंद हैं। मुख्यमंत्री से अपील की है कि 10 से 15 साल की सजा काट चुकीं महिलाओं को रिहा कर दिया जाए। उनके साथ उनके बच्चों का भविष्य खराब हो रहा है। 

 
विज्ञापन

कुलपति ने तोप से मच्छर मारने का काम किया: महाना
कैबिनेट मंत्री सतीश महाना ने कहा कि वीसी साहब ने तो तोप से मच्छर मारने का काम किया है। बड़े-बड़े उद्यमी कई आंगनबाड़ियों को गोद ले सकते हैं। इनको प्रोत्साहित करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि सब कुछ व्यवसायिक हो गया है। पहले अस्पताल खुलते थे, अब नर्सिंग होम खुलते हैं, पहले विद्यालय खुलते थे अब पब्लिक स्कूल खुलने लगे हैं। इस सोच को बदलने की जरूरत है।

लोग कहते हैं कि अब कानपुर मैनचेस्टर ऑफ ईस्ट नहीं रहा, मेरा सवाल है क्यों? तेल, मसालों में आगे हैं, होजरी में भी कानपुर का नाम बड़ा है। बड़ा आदमी वह है, जो जमीन से जुड़कर ऊंचाइयों को छुए। शहर को सुंदर बनाने के लिए जल्द ही अधिकारियों के साथ मंथन किया जाएगा। उन्होंने कहा अभी तक राज्यपाल राजभवन तक सीमित थे, लेकिन आनंदीबेन पटेल समाज की मूलभूत समस्याओं को दूर करने का प्रयास कर रहीं। 

राज्यपाल में दिखता है मां का स्वरूप: स्वप्निल वरुण
जैसे मेरी मां हर समय समाज और बच्चों के लिए सोचती रहती थीं, वैसे ही राज्यपाल आनंदी बेन पटेल को भी समाज की चिंता है। उनमें मुझे अपनी मां का अक्स दिखता है। यह बात जिला पंचायत अध्यक्ष स्वप्निल वरुण ने कही। उन्होंने कहा कि राज्यपाल के निर्देशों का पालन करूंगी। गरीब और असहाय बच्चों के लिए काम करना चाहती हूं। 

राज्यपाल के सपने को सार्थक करना जिम्मेदारी: नीलिमा कटियार 
प्रदेश की उच्च शिक्षा राज्यमंत्री नीलिमा कटियार ने कहा कि राज्यपाल ने प्रदेश को कुपोषण मुक्त करने का सपना देखा है। जिसे पूरा करना हम सब का फर्ज है। आंगनबाड़ी केंद्रों की ओर से किए जा रहे कार्यों से महिलाओं में एनीमिया और बच्चों में कुपोषण की समस्या दूर होगी। 
             
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें