जिसे वह प्रति डंपर 3500 रुपये के हिसाब से बेंचते हैं। इस तरह किसानों को सवा लाख रुपये देकर 10 लाख 50 हजार से 12 लाख 25 हजार रुपये तक अपनी जेब में रख लेते हैं। इस काली कमाई में पुलिस से लेकर नेताओं तक का हिस्सा लगता है। इसके चलते ही माफिया बेधड़क ओवरलोड डंपर सड़क पर दौड़ा रहे हैं।
ये आंकड़े तब के लिए जब खनन माफिया किसानों की जमीन महज पांच फीट खोदें, लेकिन वे किसानों को डरा धमका कर 10 से 15 फीट तक गहरी खुदाई कर मिट्टी बेंच देते हैं।
कभी भी हो सकता बड़ा हादसा
मिट्टी ढोने के लिए कानपुर, लखनऊ, हरियाणा समेेत आसपास के जिलों के डंपर लगाए गए हैं। जो 24 घंटे सड़क पर फर्राटा भर रहे हैं। चालक ओवरलोड डंपर 40 से 45 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ा रहे हैं। इससे डंपर में लदी मिट्टी उड़ती रहती है। जिससे राहगीरों व वाहन चालकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
ऐसे करते हैं कमाई
शहर के आसपास स्थित कई ग्राम सभाओं में सत्ताधारी नेताओं की शह पर खनन का अवैध धंधा फलफूल रहा है। इसमें नेताओं के भाई, रिश्तेदार तक लगे हुए हैं। ये पुलिस और आरटीओ द्वारा खनन में पकड़े गए वाहनों को छुड़वाने तक की जिम्मेदारी लेते हैं। इसके बदले खनन माफियाओं से मोटी रकम मिलती है। जब खनन माफिया मानक से अधिक मिट्टी की खुदाई करते हैं तो नेताओं के गुर्गे अपनी हिस्सेदारी भी बढ़वा लेते हैं।
अवैध खनन गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। जिले की कई तहसीलोें में अवैध खनन का मामला मेरे संज्ञान में आया है। इस पर रोक लगाने के लिए सभी उप जिलाधिकारियों और एडीएम फाइनेंस को निर्देश दिया गया है। जो लोग इसमें शामिल हैं, उनके खिलाफ जांच कर कड़ी कार्रवाई के लिए कहा है। - डॉ. ब्रह्मदेव राम तिवारी, जिलाधिकारी कानपुर नगर