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लक्ष्मीरतन बस्ती के अवैध कब्जेदारों पर शिकंजा

Fri, 29 Jan 2016 01:57 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, कानपुर
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लक्ष्मीरतन मलिन बस्ती में अवैध निर्माण कर व्यवसाय करने वालों पर शिकंजा कसा जा रहा है। केडीए ने नोटिस देकर साक्ष्यों सहित जवाब मांगने की तैयारी की है। अफसरों ने बताया कि संतोषजनक उत्तर न मिलने पर सीलिंग या ध्वस्तीकरण तक किया जा सकता है। वहां प्लाटिंग करने वाले भूमाफिया पर भी कार्रवाई की तैयारी है।
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‘अमर उजाला’ ने सरोजनी नगर स्थित लक्ष्मी रतन लैंड-ए और लैंड-बी में भूमाफियाओं के सक्रिय होने और वहां अफसरों की मिलीभगत से शोरूम, गेस्ट हाउस, कारों के सर्विस सेंटर, होटल, रेस्टोरेंट, शराब की दुकान, माडल शॉप आदि बनवाने का मामला 25 जनवरी को उजागर किया था।

केडीए उपाध्यक्ष जयश्री भोज के निर्देश पर मलिन बस्ती के सक्षम प्राधिकारी जगदीश ने जांच शुरू करा दी है। शुरुआती जांच में वहां 28 व्यावसायिक प्रतिष्ठान चिह्नित किए गए हैं। प्रवर्तन विभाग के प्रभारी अपर सचिव अनिल भटनागर ने गुरुवार को इन घोषित मलिन बस्तियों में अवैध रूप से व्यावसायिक प्रतिष्ठान चलाने वालों को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं।
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‘और भी मलिन बस्तियों में कब्जे, जांच हो’
मलिन बस्ती महापंचायत ने गुरुवार को केडीए उपाध्यक्ष को ज्ञापन देकर लक्ष्मी रतन की तरह अन्य मलिन बस्तियों की भी जांच कराकर भूमाफियाओं और अवैध व्यावसायिक निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। वीसी जयश्री भोज ने मलिन बस्ती के सक्षम प्राधिकारी एवं प्राधिकरण के सचिव जगदीश को 24 घंटे में जांच कमेटी गठित करने और एक हफ्ते में जांच रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं।

महापंचायत के संरक्षक प्रदीप यादव के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने ज्ञापन देकर मलिन बस्ती 106/369 गुलाम अली का हाता गांधी नगर, 85/63 शक्कर मिल खलवा, 14/19 बदलू प्रसाद का हाता ग्वालटोली आदि घोषित एवं अधिगृहीत मलिन बस्तियों में भूमाफियाओं द्वारा गरीबों को बेदखल कर कब्जा करने, खाली जमीनों पर अपार्टमेंट के साथ ही गेस्ट हाउस, शोरूम, कारखाने, गोदाम आदि निर्माण कराने की शिकायत की। 
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