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50 फीसदी आईआईटीयंस नहीं करना चाहते नौकरी, जानें क्या है वजह 

Fri, 16 Jun 2017 09:24 AM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
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आईआईटीयंस
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कानपुर आईआईटी के 50वें दीक्षांत समारोह से बीटेक, बीटेक-एमटेक (ड्यूअल डिग्री), बीएस आदि की डिग्री हासिल करने वाले अधिकतर छात्रों ने फिलहाल नौकरी नहीं करने का फैसला लिया है। इनकी संख्या 50 प्रतिशत से ज्यादा है। करीब बीस प्रतिशत ऐसे छात्र हैं जिन्होंने सिविल सर्विसेज परीक्षा की तैयारी करने का मन बनाया है और तीस प्रतिशत छात्रों ने हायर स्टडीज में जाना पसंद किया है।
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आंकड़ों के अनुसार इस बार 809 छात्रों को डिग्री हासिल हुई है। पिछले दिनों इनके लिए कैंपस प्लेसमेंट का आयोजन किया गया था। इनमें से केवल 423 ही प्लेसमेंट में शामिल हुए। जिनमें 400 को अच्छी नौकरी मिल गई। शेष 23 ने बीच में ही प्रक्रिया ड्रॉप कर दी। करीब ढ़ाई सौ ऐसे भी छात्र हैं जिन्होंने हायर स्टडीज में जाने का फैसला लिया है। यानी वह अन्य संस्थानों से अपनी पढ़ाई जारी रखेंगे। वहीं 50 से 70 छात्रों ने सिविल सर्विसेज की तैयारी करने का फैसला लिया है। इसके अलावा करीब सौ छात्रों ने स्टार्ट अप शुरू करने का फैसला लिया है। वह खुद की कंपनी खोलेंगे।

14 लाख का मिला है पैकेज
सत्र 2015-16 में आईआईटी के एक छात्र को सर्वाधिक 1470000 रूपये का पैकेज मिला है। अन्य छात्रों को भी पांच से 14 लाख रूपये के बीच ही पैकेज मिले हैं।

विदेश है पहली पसंद
एमटेक, पीएचडी या फिर नौकरी करने के लिए आईआईटीयंस की पहली पसंद विदेश ही है। अधिकतर छात्रों ने हायर स्टडीज के लिए विदेशी यूनिवर्सिटी में ही दाखिला ले लिया है। 
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