पीएम मोदी ने कहा कि जब भारत अपनी आजादी का 100वां साल मनाएगा, तब उस सफल भारत में आज के युवाओं के पसीने की महक होगी। छात्रों से उन्होंने कहा कि आपको मेरी बातों में अधीरता नजर आ रही होगी। मैं अधीर हूं और चाहता हूं कि देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए आप भी अधीर बने।
तकनीक के बिना देश का भविष्य अधूरा है। ये समय जीवन और तकनीक में प्रतिस्पर्धा का है। इसमें आपको आगे निकलना है। मुझे विश्वास है कि आप इसे पूरा करोगे। 2047 का भारत कैसा होगा, अब यह आपको तय करना है। आने वाले सालों में भारत की विकास यात्रा की बागडोर आपको संभालनी है। आईआईटी के 54वें दीक्षांत समारोह में छात्रों से ये बातें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहीं।
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दीक्षांत समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शामिल पीएम मोदी ने कहा कि जब भारत अपनी आजादी का 100वां साल मनाएगा, तब उस सफल भारत में आज के युवाओं के पसीने की महक होगी। छात्रों से उन्होंने कहा कि आपको मेरी बातों में अधीरता नजर आ रही होगी। मैं अधीर हूं और चाहता हूं कि देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए आप भी अधीर बने।
यदि हम आत्मनिर्भर नहीं होंगे तो देश अपने लक्ष्य को कैसे पूरा करेगा। आपको ही देश की दिशा व गति तय करनी है। उन्होंने कहा कि 25 साल की उम्र में युवा आत्मनिर्भर बनने के योग्य हो जाते हैं पर देश आजादी के इतने सालों बाद भी पैरों पर खड़ा नहीं हो पाया है। काफी समय गुजर गया है, इसलिए अब दो पल भी बर्बाद नहीं करना है।
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देश बना दुनिया का दूसरा स्टार्टअप हब
मोदी ने कहा कि आजादी के 75वें साल में देश के पास 75 से अधिक यूनिकोर्न्स (वैश्विक स्तर पर पहचान बनाने वाले स्टार्टअप) और 50 हजार से अधिक स्टार्टअप हैं। इनमें से 10 हजार से अधिक स्टार्टअप तो केवल पिछले छह महीने में ही शुरू हुए हैं। भारत दुनिया का दूसरा स्टार्टअप हब बन गया है। तकनीक का युग है। उन्होंने छात्रों से कहा कि आपने जवानी के इतने महत्वपूर्ण साल तकनीक का एक्सपर्ट बनने में लगाए हैं। आपके पास इससे बड़ा अवसर और क्या होगा, जब आपके पास देश के साथ पूरे विश्व में टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में काम करने का मौका है।
एआई क्षेत्र में काम करने का है स्कोप
पीएम ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई), एनर्जी एंड क्लाइमेट सॉल्यूशन, हाईटेक इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र में काम करने का स्कोप है। स्वास्थ्य क्षेत्र में भी तकनीक हावी है। आप लोग डिजिटल बायोलॉजी के युग में हैं, रोबोट असिस्टेंट ट्रीटमेंट के दौर में पैर रख रहे हैं। यहां तक कि डिजास्टर मैनेजमेंट में चुनौतियों का सामना भी तकनीक की मदद से कर रहे हैं। इस सपने को कई पीढ़ियों ने जिया है। आपके पास कई पीढ़ियों के सपनों को साकार करने का मौका है।
कानपुर के लिए दोहरी खुशी का मौका
मोदी ने कहा कि शहर के लिए दोहरी खुशी का मौका है। एक तरफ मेट्रो की सुविधा मिल रही है और दूसरी ओर आईआईटी ने तकनीक की दुनिया को अनमोल उपहार दिया है। छात्रों से कहा कि आप यहां तक पहुंचे हैं, उसमें केवल आपकी ही नहीं बल्कि आपके माता पिता, शिक्षकों, प्रोफेसरों की मेहनत है। आपके माता-पिता को भी धन्यवाद। आईआईटी में प्रवेश से पहले आपकी सोच का दायरा स्कूल तक ही सीमित था, लेकिन आईआईटी ने ज्ञान के दायरे को बड़ा कैनवास दिया है। पहले फियर ऑफ अननोन था, अब आप पूरी दुनिया को एक्सप्लोर करने का हौसला लेकर आगे बढ़ें। आईआईटी की विरासत को आगे बढ़ाएं।
विविधताओं से भरा है कानपुर
पीएम ने कहा कि कानपुर देश के उन चुनिंदा शहरों में से एक है जो विविधताओं से भरा है। यहां सत्तीचौरा घाट से लेकर मदारी पासी तक और नाना साहब से लेकर बटुकेश्वर दत्त तक का इतिहास रहा है। जब भी इस शहर की सैर करते हैं तो लगता है कि हम स्वतंत्रता संग्राम के बलिदानियों के गौरव, उस गौरवशाली इतिहास की सैर कर रहे हैं।
आज सोच कुछ कर गुजरने की है
मोदी ने कहा कि जो सोच और एटीट्यूड आपका है, वैसा ही आपके देश का है। पहले सोच काम चलाने की होती थी तो आज सोच कुछ कर गुजरने की है। पहले समस्याओं से पीछा छुड़ाने की कोशिश थी, आज समस्याओं के समाधान के संकल्प लिए जाते हैं।
आराम नहीं, चुनौतियां चुनें
प्रधानमंत्री ने छात्रों को सलाह दी कि जीवन में कई ऐसे मौके आएंगे जब आपको बहुत लोग सहूलियत के लिए शॉर्टकट बताएंगे। मेरी सलाह है कि आराम नहीं, चुनौतियों को चुनना। आप चाहें न चाहें, जीवन में चुनौतियां आनी ही हैं। जो लोग उनसे भागते हैं, उनका शिकार बन जाते हैं।
आईआईटी के प्रयासों को सराहा
पीएम ने आईआईटी के कार्यों की सराहना की। तकनीक क्षेत्र में कानपुर की अलग पहचान बनाने में आईआईटी सफल रहा है। आईआईटी की इंक्यूबेटेड कंपनी ने बनारस के घाट पर दुनिया का पहला फ्लोटिंग सीएनजी फिलिंग स्टेशन बनाया है। एग्रीकल्चर में दुनिया की पहली पोर्टेबल स्वॉइल टेस्टिंग किट बनाई और 5जी में तो आईआईटी कानपुर ग्लोबल स्टैंडर्ड का हिस्सा बन गया है।