यूपी के विधानसभा चुनाव को लेकर आयोजित हो रहीं रैलियों से कोरोना के पीक का शंखनाद हो सकता है। यह कहना है आईआईटी के प्रोफेसर मणींद्र अग्रवाल का। अपने गणितीय मॉडल सूत्र से दूसरी लहर की भयावहता का आकलन करने वाले प्रो. अग्रवाल ने बताया कि कोरोना की तीसरी लहर को कोई रोक नहीं सकता है।
चुनाव हों या न हों, कोरोना की तीसरी लहर का पीक आना निश्चित है। उन्होंने कहा कि लहर की शुरुआत हो गई है। केस तेजी से बढ़ रहे हैं और इसका पीक फरवरी में आएगा। कहा, अब तक के डाटा के आधार पर यह तय है कि ओमिक्रॉन कई राज्यों में पहुंच चुका है।
प्रो. अग्रवाल ने बताया कि मॉडल के पैरामीटर की वैल्यू में तेज बदलाव दिखने लगे हैं। सभी लोगों को सुरक्षित रहने पर फोकस करना होगा। उन्होंने कहा कि चुनाव न होने पर कुछ समय के लिए पीक टल सकता है, लेकिन पीक आएगा जरूर।