फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आईआईटी के प्रोफेसर का दावा: मास्क-सामाजिक दूरी भूले और म्यूटेंट बदला तो सितंबर में पीक पर होगा कोरोना

Mon, 21 Jun 2021 09:10 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

कानपुर आईआईटी के प्रोफेसर का दावा है कि अगर कोविड नियमों के पालन में कोताही की और म्यूटेंट बदला तो सितंबर में एक बार फिर कोरोना पीक पर होगा।
विज्ञापन
कोरोना का कहर - फोटो : पीटीआई
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कोरोना की तीसरी लहर को लेकर आईआईटी कानपुर के प्रोफेसर ने चौंकाने वाला दावा किया है। मास्क लगाना, सामाजिक दूरी का पालन करना अगर लोगों ने छोड़ा तो कोरोना की लहर जल्द ही आएगी। आईआईटी के प्रोफेसर राजेश रंजन और प्रो. महेंद्र वर्मा ने गणितीय मॉडल ‘सर’ के आधार पर यह विश्लेषण किया है। 
विज्ञापन


प्रो. राजेश ने बताया कि इस मॉडल में दूसरी लहर के आंकड़ों, समय, मापदंडों आदि बिंदुओं पर विश्लेषण किया गया है। उन्होंने कहा कि तीसरी लहर आने की पूरी आशंका है। अब लोग अगर कोविड नियमों का पालन बेहतर ढंग से करेंगे तो लहर का पीक उतनी ही देर से आएगा। उन्होंने कहा कि मॉडल से तीन बातें सामने आई हैं।

 
विज्ञापन

माना जा रहा है कि 15 जुलाई तक देश पूरी तरह अनलॉक हो जाएगा। तब जनवरी जैसी स्थितियां होंगी। जनवरी में सभी कुछ अनलॉक हो गया था। इसके बाद लोगों ने सावधानी नहीं बरती और कोरोना ने कहर बरपा दिया था। इस बार भी सावधानी नहीं बरती गई तो तीसरी लहर का पीक अक्तूबर तक आ सकता है।

यानी सितंबर से स्थितियां खराब होनी शुरू हो जाएंगी और अक्तूबर तक इसकी भयावहता काफी होगी। दूसरी बात यह सामने आई है कि अगर कोरोना तीसरी लहर में बदले म्यूटेंट के साथ आता है और लोग सावधानी भी नहीं बरतते हैं तो पीक सितंबर तक आ जाएगा। यानी अगस्त से स्थितियां खराब होनी शुरू हो जाएंगी।

तीसरी बात यह है कि अगर कोविड नियमों का पूरी तरीके से पालन करते हैं, वैक्सीन लगवाते हैं तो तीसरी लहर का पीक नवंबर में आएगा। प्रो. राजेश कहते हैं ऐसे में लोगों के पास करीब चार महीने का मौका है। इतने समय में बड़ी संख्या में लोगों का वैक्सीनेशन हो जाएगा तो स्थितियां भयावह नहीं होंगी। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें