डेरापुर (कानपुर देहात)। गुरुवार को चिलौली के पचास से अधिक मनरेगा मजदूर तहसील पहुंचे और रोजगार सेवक पर मजदूरी भुगतान के लिए घूस मांगने का आरोप लगा हंगामा किया। एसडीएम ने मजदूरों को समझा कर शांत कराया। बीडीओ से जांच कर रिपोर्ट मांगी गई है।
चिलौली, मजरा सुजनीपुर, गहोबा के मनरेगा मजदूर तहसील पहुंचे। रोजगार सेवक पर घूस मांगने का आरोप लगाकर मजदूरों ने हंगामा किया। शोर सुनकर कार्यालय से बाहर आए एसडीएम ऋषिकांत राजवंशी ने मजदूरों को समझाकर शांत कराया। मजदूर जीविदता व राम देवी ने बताया कि उनकी उपस्थिति दर्ज नहीं की गई।
रमेश चंद्र, राम बाबू, प्रेमचंद्र, महेंद्र, शिवराम, अमर सिंह, प्रकाश ने आरोप लगाया कि रोजगार सेवक के बताए स्थान पर काम करने गए तो उसने काम कराने से इनकार कर दिया। मजदूरों ने भुगतान के लिए घूस मांगने का आरोप भी लगाया। एसडीएम ने कार्रवाई का भरोसा देकर मजदूरों को वापस भेजा। एसडीएम ने बताया कि बीडीओ डेरापुर बब्बन राय से रिपोर्ट मांगी है।
बीडीओ बब्बन राय ने बताया कि मजदूर प्रस्तावित स्थान पर काम नहीं कर रहे थे। इस कारण गुरुवार को काम बंद करा दिया गया। मजदूरों का आरोप बेबुनियाद है। उधर, तहसील में पहुंचे मनरेगा मजदूरों ने तय दूरी का पालन नहीं किया। मजदूर मास्क भी नहीं लगाए थे।
रूरा के गुटैहा गांव में पैमाइश पर अड़े कुछ लोगों ने मनरेगा से कराए जा रहे संपर्क मार्ग पुराई का काम बंद करा दिया। मजदूर प्रधान के साथ थाने पहुंच गए। एसओ ने लेखपाल से संपर्क कर समस्या समाधान का भरोसा दिया है।
मनरेगा से गुटैहा से सरवा की ओर छह सौ मीटर लंबाई में 12 फीट चौड़े संपर्क मार्ग में मिट्टी पुराई का काम हो रहा है। कुछ किसान संपर्क मार्ग की पैमाइश के बाद काम करने की मांग प्रधान से कर चुके हैं। गुरुवार को 16 मजदूर मिट्टी पुराई कर रहे थे। इस पर पैमाइश पर अड़े लोगों ने काम बंद करा दिया। प्रधान अजय कुमार के साथ मजदूर थाने पहुंच गए। काम में व्यवधान से मजदूरी फंसने की बात कह प्रार्थना पत्र एसओ को दिया। प्रधान ने बताया कि पूरी स्थिति से एसडीएम को अवगत कराया गया है।