तत्काल उसे हवालात से बाहर निकाला और हॉस्पिटल ले गए। इधर किदवई नगर पुलिस ने बताया कि अजय ने ब्लेड नहीं मारी, बल्कि दरवाजे में लोहे का तार लगा था जिसे मार कर उसने खुद को घायल किया है। डीसीपी साउथ सलमान ताज पाटिल ने बताया कि शाम को उसकी मां उससे मिलने आई थी, मां ने ही उसे ब्लेड दिया था। इसकी जांच की जा रही है।
जीभ के नीचे दबाकर रखता है ब्लेड
हिस्ट्रीशीटर अजय ठाकुर की तलाश, तो पुलिस काफी दिनों से कर रही थी। मगर वह बार-बार अपने ठिकाने बदल रहा था। इस कारण पुलिस को उसे पकड़ने में काफी मुसीबत हुई। हिस्ट्रीशीटर अजय ठाकुर अपनी जीभ के नीचे हमेशा आधी ब्लेड रखता है।
कई बार मारपीट के दौरान उसने इसका प्रयोग भी किया है। अजय को थाने लाने के बाद पुलिस को भनक भी नहीं लग सकी की उसके पास ब्लेड भी है। जबकि वह 12 घंटे से अधिक समय तक हवालात में बैठा रहा। मगर पुलिस तलाशी के दौरान भी नहीं पकड़ पाई।