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बेहमई कांड: 41 साल पहले कानपुर देहात में हुए नरसंहार मामले में फिर टली सुनवाई, अब छह जून को होगी

Tue, 24 May 2022 09:09 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर देहात

सार

कानपुर देहात के सबसे अधिक चर्चित कांडों में एक बेहमई कांड है। जिसे भुला पाना आसान नहीं हो सकता। 14 फरवरी 1981 को बेहमई गांव में फूलन देवी ने अपने डकैत साथियों के साथ मिलकर 20 लोगों को मौत के घाट उतार दिया था। 
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बेहमई कांड (फाइल फोटो) - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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बेहमई कांड की सुनवाई एंटी डकैती कोर्ट सुधाकर राय की अदालत में चल रही है। बचाव पक्ष के अधिवक्ता गिरीश नारायण दुबे ने बताया कि मंगलवार को सुनवाई नहीं हो सकी। कोर्ट ने अब छह जून सुनवाई की तिथि तय की है। इस दौरान आरोपी विश्वनाथ उपस्थित रहा। जबकि श्यामबाबू का हाजिरी माफी प्रार्थना पत्र दिया गया। वहीं पोसा जेल में बंद हैं। वृद्ध व बीमार होने के कारण उसे कोर्ट नहीं लाया जा रहा है।
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बता दें 14 फरवरी 1981 को बेहमई गांव में फूलन देवी ने साथियों के साथ मिलकर 20 लोगों को गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया था। घटना की मुख्य आरोपी फूलन देवी की भी हत्या हो चुकी है। वहीं, वादी राजाराम सिंह का बीमारी से निधन हो चुका है। घटना में मारे गए लोगों के परिजन न्याय के लिए 40 साल से कोर्ट के चक्कर लगा रहे हैं।
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