फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सेहत: गर्मी से गड़बड़ा रही दिल की बिजली, कार्डिएक अरिदमिया के बढ़ गए हैं रोगी, मांसपेशियों पर आ रहा है असर

Thu, 27 Apr 2023 12:09 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

कार्डियोलॉजी इंस्टीट्यूट के सीनियर कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. उमेश्वर पांडेय का कहना है कि हृदय दो तरह से काम करता है। एक तो खून की पंपिंग होती है और दूसरी धड़कन होती है। विद्युत प्रवाह के बिगड़ने से धड़कन प्रभावित होती है।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

तापमान में उतार-चढ़ाव और पारे के एकदम से उछाल मार देने का असर लोगों के दिल पर पड़ रहा है। खासतौर पर हाई ब्लड प्रेशर और पुराने हृदय रोगियों की धड़कन की गति बिगड़ जा रही है। कार्डियोलॉजी इंस्टीट्यूट और निजी विशेषज्ञों के यहां धड़कन अनियमित होने की शिकायत लेकर रोगी आ रहे हैं। हृदय रोग विशेषज्ञों का कहना है कि पहली बार इतनी बड़ी संख्या में रोगी आ रहे हैं। दिल में विद्युत प्रवाह की गड़बड़ी (कार्डिएक अरिदमिया) के कारण हृदय की मांसपेशियों की गतिविधि प्रभावित होती है।

विज्ञापन


पल्स रेट नीचे आ जाता है। इसके साथ ही रोगी की सांस फूलने लगती है। कार्डियोलॉजी इंस्टीट्यूट के सीनियर कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. उमेश्वर पांडेय का कहना है कि हृदय दो तरह से काम करता है। एक तो खून की पंपिंग होती है और दूसरी धड़कन होती है। विद्युत प्रवाह के बिगड़ने से धड़कन प्रभावित होती है।

धड़कन अनियमित होना, सुस्ती, थकान और सांस फूलने की शिकायत लेकर रोगी आ रहे हैं। मौसम के बदलाव का असर व्यक्ति के शरीर पर आता है। इससे हृदय भी प्रभावित होता है। एकदम से गर्मी बढ़ने का असर शरीर पर पड़ रहा है। रोगियों की तबीयत बिगड़ने का एक कारण यह पाया गया कि रोगी अभी तक सर्दी वाली खुराक ले रहे हैं। सर्दी में नसें सिकुड़ती हैं, जिससे बीपी बढ़ जाता है। इससे दवा की खुराक अधिक की जाती है। इसके अलावा शरीर में पानी और नमक की कमी होने से भी दिक्कत हो रही है।

बढ़ी रोगियों की संख्या
वरिष्ठ कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. विवेका कुमार ने बताया कि गर्मी आते ही इस तरह के रोगियों की संख्या बढ़ गई है। इसके अलावा जांच कराने पर कई रोगियों में कोरोना का संक्रमण भी मिला है। युवाओं को भी यह दिक्कत हो रही है। उन्होंने बताया कि शरीर में पानी और नमक की कमी, कोरोना के संक्रमण के प्रभाव से विद्युत प्रवाह प्रभावित होता है। इससे धड़कनों पर बुरा असर आता है। पल्स रेट भी कम मिल रहा है। इससे रोगियों की सांस फूलने लगती है। गर्मी में पहली बार इस तरह के रोगी अधिक आ रहे हैं।
विज्ञापन

ऐसे करें बचाव
- दवा की डोज तुरंत दुरुस्त कराएं।
- हृदय रोग विशेषज्ञ से जांच करा लें।
- विशेषज्ञ की सलाह पर पानी की मात्रा दुरुस्त करें।
- गर्मी लगने से खुद को बचाएं।
- सर्दी-गर्मी में खास एहतियात बरतें, एक्सपोजर न होने दें।
- ब्लड प्रेशर और पल्स रेट की मॉनीटरिंग करें।
- पूरी नींद लें, समय से सोएं, सादा खाना लें।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें