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बिना टेंडर व कोटेशन स्वास्थ्य विभाग ने खरीदा सामान, ऑडिट में टीम ने पकड़ा खेल

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कानपुर देहात। कोरोना की पहली लहर के दौरान जिले में स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदारों ने बिना टेंडर व कोटेशन के करीब साढ़े सात लाख रुपये के सामान की खरीद की। वहीं, भुगतान के दौरान भी नियमों की अनदेखी की गई।
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ऑडिट टीम ने गड़बड़ी पकड़ी और रिपोर्ट स्वास्थ्य निदेशक को दी। इस पर स्वास्थ्य निदेशक ने डीएम जेपी को पत्र भेजकर मामले की जांच कर रिपोर्ट मांगी है। उधर, डीएम ने सीएमओ पत्र भेजकर खरीद से जुड़े सभी कागज तलब किए हैं।
कोविड की पहली लहर में स्वास्थ्य विभाग की ओर से बिना टेंडर फेस मास्क, गलब्स, सैनिटाइजर, थर्मल स्कैनर सहित अन्य सामान की खरीद हुई। वहीं, कोविड ड्यूटी के बाद डॉक्टर व पैरामेडिकल स्टाफ को ठहरने के लिए होटल, नाश्ता और भोजन की बुकिंग में भी रुपयों का बंटवारा किया गया।
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उधर, पिछले माह ऑडिट टीम ने अभिलेखों की जांच शुरू की तो पता चला कि स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदारों ने जेम पोर्टल पर बिना टेंडर और कोटेशन के एक कंपनी को एक बार में 31750 रुपये व दूसरी बार में 39836 रुपये का भुगतान किया।
वहीं दूसरी संस्था को 39836 रुपये का भुगतान किया गया। किराना कारोबारी को कच्चे बिल पर 76 हजार का भुगतान कर दिया गया। स्वास्थ्यकर्मियों के आने व जाने के लिए लगी गाड़ियों के भुगतान में भी अनियमितता हुई।
ऑडिट टीम ने जिम्मेदारों से इन भुगतान से संबंधित कागज मांगे तो वह दिखा नहीं पाए। टीम ने पूरी रिपोर्ट तैयार कर स्वास्थ्य निदेशक को दी। वहां से निदेशक ने डीएम जेपी सिंह को पत्र भेजकर जांच कराने की बात कही है। इस पर डीएम ने सीएमओ को पत्राचार कर खरीद से जुड़े सभी कागजात मांगे हैं।
स्वास्थ्य निदेशक ने कुछ सामान की खरीद में अनियमितता की बात कहते हुए डीएम को पत्र भेजा था। डीएम दफ्तर से पत्र मिल गया है। सामान खरीदने में टेंडर प्रक्रिया पूरी की गई है कि नहीं इससे जुड़े कागजों को खोजा जा रहा है। जल्द ही डीएम को सभी कागज उपलब्ध कराएंगे। - डॉ.एके सिंह, सीएमओ।
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जांच से संबंधित जिम्मेदारी विभागीय टीम को दी गई है। उनसे इस संबंध में जानकारी ली जाएगी। - जेपी सिंह, जिलाधिकारी
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