ब्लॉकचेन, आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, क्रिप्टोकरेंसी, साइबर सुरक्षा समेत तमाम विषयों में और अधिक विकास करने की तैयारी है। इसके लिए एचबीटीयू, हरकोर्ट बटलर टेक्निकल यूनिवर्सिटी के द्वारा यूनाइटेड स्टेट ऑफ अमेरिका की एयूपी एकेडमी ऑफ यूनिवर्सल ग्लोबल पीस से करार करेगी। अप्रैल में करार होने की संभावना है।
रजिस्टार प्रो. नीरज कुमार सिंह ने बताया कि करार के बाद यहां के छात्र स्टूडेंट एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत यूएसए पढ़ाई करने जाएंगे। वहां के छात्र एचबीटीयू भी आ सकते हैं। दोनों संस्थाओं के विशेषज्ञ ऑनलाइन क्लास संचालित करेंगे। कोशिश है कि एचबीटीयू के छात्रों को एयूजीपी से कोर्स करने के बाद प्रमाणपत्र दिलाया जा सके ताकि नौकरी के समय उनको इस कोर्स का फायदा मिल सके। उन्होंने बताया कि एयूजीपी के चेयरमैन रूस यूक्रेन के बीच मध्यस्थता कराने के लिए नाटो की बैठक में हिस्सा लेने जा रहे हैं, इस कारण करार में देरी हो रही है।
क्या है एयूजीपी
एयूजीपी बीते चार दशकों से 120 देशों में अपने सेंटर चलाता है। यहां पर उन देशों के राजनीतिक दलों के लोग वैश्विक शांति अध्ययन और शांति निर्माण के प्रयास, जुड़ाव आदि का पाठ पढ़ते हैं। शिक्षाविदों की टीम में प्रख्यात वैज्ञानिक, डॉक्टर, इंजीनियर, विद्वान, सामाजिक कार्यकर्ता, न्यायाधीश शामिल हैं।