कानपुर देहात। एफएसडीए की ओर से पूर्व में भरे गए खाद्य पदार्थों के सैंपल की प्रयोगशाला जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। झींझक की किराना दुकान से लिए गए अरहर व चना दाल के नमूने फेल हो गए। दोनों नमूनों में हानिकारक रंग टट्राजीन की मिलावट पाई गई। एक नमकीन का नमूना अधोमानक मिला। साफ्ट ड्रिंक व नूडल्स के नमूने मित्थ्या छाप पाए गए। मिल्क पाउडर बनाने में प्रयुक्त अपमिश्रक लैक्ट्रोज निकला।
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग पिछले दिनों अभियान में नमूने भरे थे। अब इन नमूनों की प्रयोगशाला जांच रिपोर्ट आनी शुरू हो गई है। झींझक में रसूलाबाद रोड पर गौरव गुप्ता की किराना दुकान से अरहर दाल व झींझक के छोटा चौराहा स्थित राकेश कुमार की किराना दुकान से चना दाल का नमूना संकलित किया गया था। दोनों नमूने असुरक्षित पाए गए।
दोनों दुकानदारों को नोटिस जारी की गई है। वहीं खाद्य आयुक्त से अनुमोदन मिलने पर सीजेएम की कोर्ट में मुकदमा दर्ज कराने की कार्रवाई होगी। रसूलाबाद के बिलहा में आशिफ खां के यहां से भरा गया नमकीन का नमूना अधोमानक पाया गया। मूसानगर में अंकित ट्रेडर्स से लिया गया साफ्ट ड्रिंक और सुरेश कुमार की दुकान से भरा गया नूडल्स का नमूना मित्थ्या छाप मिला।
इसी प्रकार जैनपुर के स्वरूपपुर में मिल्क पाउडर बनाने वाली भोले बाबा मिल्क फूड इंस्ट्रीज लिमिटेड से लिया गया अपमिश्रक लैक्टोज पाया गया। मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी शैलेश दीक्षित ने बताया कि अधोमानक पाए गए नमूनों में संबंधित को नोटिस जारी की गई है। बी नमूना की जांच नहीं कराने पर एडीएम की कोर्ट में मुकदमा किया जाएगा।