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बच्चों और प्रशासन के बीच नोकझोंक
ग्रामीणों और बच्चों के अनुसार, सड़क निर्माण की मांग को लेकर पहले भी कई बार अधिकारियों से शिकायत की जा चुकी है। करीब डेढ़ महीने पहले रास्ते में मिट्टी डलवाकर सड़क बनवाने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन बारिश के बाद रास्ता फिर खराब हो गया। प्रदर्शन के दौरान बच्चों और प्रशासन के बीच नोकझोंक भी हुई। सदर कोतवाली के क्राइम इंस्पेक्टर राम कुमार ने बच्चों को कलेक्ट्रेट परिसर से बाहर जाने के लिए कहा।
हमीरपुर में तिरंगा लेकर सड़कों पर उतरे बच्चे और ग्रामीण
- फोटो : amar ujala
जिलाधिकारी करीब दो बजे पीछे के दरवाजे से निकल गए
वहीं, वित्त एवं राजस्व विभाग के एसडीएम राकेश कुमार द्वारा बच्चों से व्याकरण और पहाड़े सुनाने को कहे जाने की बात सामने आई है। इसका वीडियो भी सामने आया है। बच्चे लगातार डीएम से मिलने की मांग करते रहे। बच्चों के मुताबिक उनकी मांग पर सिर्फ चार बच्चों की अधिकारियों के साथ बैठक हुई। उनका कहना है कि जिलाधिकारी करीब दो बजे पीछे के दरवाजे से निकल गए और उनसे मुलाकात नहीं हो सकी।
कच्चे रास्ते पर पक्की सड़क का निर्माण चाहिए
इसके बाद में सड़क बनवाने का आश्वासन मिलने के बाद बच्चे घर लौट गए। सदर एसडीएम अभिषेक कुमार से मामले को लेकर सवाल किया गया। उन्होंने कैमरे पर बयान नहीं दिया। ऑफ कैमरा एसडीएम ने बताया कि जिलाधिकारी अभिषेक गोयल ने इस मुद्दे पर बयान देने से मना किया है। बच्चों की मांग है कि उन्हें अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि चंदूपुर के कच्चे रास्ते पर पक्की सड़क का निर्माण चाहिए।