हमीरपुर जिले में 12 वर्ष पूर्व पति, पत्नी और चार बच्चों की धारदार हथियार से हत्या के मामले में अदालत ने दस दोषियों को आजीवन कारावास की सजा दी है। सभी पर दस-दस हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है। फैसला अपर सत्र न्यायाधीश (एफटीसी द्वितीय) सुनीता शर्मा ने सुनाया।
जिला शासकीय अधिवक्ता राजेश शुक्ला, अशोक शुक्ला व प्रवीन भदौरिया ने बताया कि मोराकांदर गांव निवासी अमर सिंह ने 27 फरवरी 2010 को पुलिस को दी तहरीर में बताया था कि भाई जगदीश ने अपनी सात बीघा जमीन का बैनामा गांव के ही गौरीशंकर को किया था।
इस पर जगदीश की पत्नी बृजलता ने तहसीलदार के यहां आपत्ति लगा दी थी। विवाद बढ़ने पर पुलिस ने दोनों पक्षों के 13 लोगों के खिलाफ शांतिभंग की कार्रवाई की थी। 25/26 फरवरी 2010 की रात जगदीश के घर में चीख पुकार सुनकर वह व भाभी शीला ने लालटेन की रोशनी में देखा कि गांव निवासी गौरीशंकर माली, उसके पुत्र सत्ते उर्फ सत्यप्रकाश, प्रेम प्रकाश, अन्य अभियुक्त कामता प्रसाद व भाई ओमप्रकाश, चचेरा भाई धनंजय सिंह, अमित द्विवेदी, सुमित कुमार, चचेरा भाई आशीष द्विवेदी व संतोष भुर्जी कुल्हाड़ी, फरसा, चाकू से बृजलता (40), उसके बेटे अभय प्रताप सिंह (13), अजय प्रताप सिंह (6), गुल्लू उर्फ गुड्डू (3), आकांक्षा (10) को मार रहे थे।