उन्नाव पहुंचे गुजरात विधानसभा अध्यक्ष राजेंद्र त्रिवेदी
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व्यक्ति विश्व में कहीं भी चला जाए, बस जाए लेकिन उसे उसके गांव और जन्मभूमि की माटी अपनी ओर ही आकर्षित करती है। मैं जहां पला-बढ़ा, जिस माटी में खेला, सीखा वहां आने की मन में जो खुशी है उसे शब्दों में नहीं कहा जा सकता। अपने पैतृक गांव और ननिहाल आए गुजरात प्रांत के विधानसभा अध्यक्ष राजेंद्र त्रिवेदी ने यह बात कही।
उन्नाव के अचलगंज स्थित एसएवी इंटर कॉलेज में आयोजित पुरातन छात्र एवं शिक्षक सम्मान समारोह में उन्होंने लोगों को अपने संस्मरण भी साझा किए। पुरातन छात्र समारोह में गुजरात विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि एक साधारण व्यक्ति का यहां से वहां तक पहुंचाना गुरुजनों और ईश्वर की कृपा से संभव हुआ है।
बताया कि शुरुआत में हमने भी इसी जिले में वकालत आजमाने का प्रयास किया। लेकिन उर्दू भाषा में पकड़ कम होने से कामयाब नहीं हुआ। फिर गुजरात प्रांत में वकालत करके आज इस पद पर पहुंचने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश का व्यक्ति देश तो क्या विश्व में कहीं भी जाता है तो वह भारत का नाम ऊंचा करता है।
कार्यक्रम में मौजूद उत्तर प्रदेश विधान सभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित ने कहा कि गुजरात ने विश्व को गांधी जैसा महापुरुष दिया। गर्व है कि पूरी दुनिया में भारत की धाक जमाने वाले हमारे प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी जिस विधानसभा में रहे हों वहां का प्रतिनिधित्व हमारे निर्वाचन क्षेत्र का एक नवयुवक कर रहा है।
इस मौके पर उन्होंने सीएए का विरोध पर निशाना साधते हुए कहा कि हमारे शास्त्र बताते हैं कि शरणागत एक चिड़िया की रक्षा के लिए राजा शिवि ने अपना पूरा शरीर बाज को सौंप दिया था। संविधान न मानने वालों के लिए भी संविधान में ही कई धाराएं बनी हुई हैं।
उन्होंने शिक्षक व प्रबुद्ध वर्ग से अपील की कि वह भी इस मुद्दे पर जनता के बीच जाकर उन्हें समझाने व सच्चाई बताने का काम करें। स्नातक एमएलसी अरुण पाठक ने सभी को संबोधित किया। गुजरात विधान सभा अध्यक्ष राजेंद्र त्रिवेदी व उनकी पत्नी सुधा त्रिवेदी का गदनखेड़ा बाइपास चौराहा, लोहचा में ललित मिश्र के आवास पर व गरिमा पब्लिक स्कूल में लोगों ने स्वागत किया।
इसके बाद वह हड़हा रोड स्थित अपने पैतृक मकान पहुंचे। यहां उन्होंने अपने घर के हर कमरे को निहारा। इस दौरान परिवार के बिंदा चरण त्रिवेदी, राजे त्रिवेदी, अन्नू, राजन व अन्य लोगों से मुलाकात की और अपनी जन्म स्थान से जुड़ी यादों को साझा कर भावुक हो गए।
ननिहाल मवईया माफी जाते समय रास्ते में बेथर गांव में जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष हरिसहाय मिश्र के साथ पंडित प्रताप नारायन मिश्र की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। मवईया माफी में ममेरे भाई वीरेंद्र शुक्ला के घर पहुंचे। यहां मंदिर निर्माण की नींव रखी। इस दौरान अरुण दीक्षित, आंनद अवस्थी, अजय बाजपेई, राजा त्रिवेदी, ललित मिश्र, बिंदाचारण त्रिवेदी, दिनकर त्रिपाठी, शेष नारायण, शिवकांत शुक्ल, वीरेंद्र शुक्ल, अन्नू त्रिवेदी, राजन शुक्ल, दुर्गा शंकर शुक्ल, प्रदीप वर्मा, छोटेलाल शुक्ल भी मौजूद रहे।