सोमवार को फ्रेशर फंक्शन के बाद ऑडिटोरियम में तोड़फोड़ करने का दोषी जीएसवीएम मेडिकल कालेज के एमबीबीएस द्वितीय वर्ष पैरा एम-2 बैच के प्रत्येक छात्र को 24 घंटे के अंदर पांच हजार रुपये जुर्माना देने के आदेश दिए गए हैं। जब तक छात्र जुर्माना राशि नहीं भरेंगे उन्हें कक्षा में आने नहीं दिया जाएगा।
इसके अलावा उन्हें छात्रावास से निष्कासित किया जा सकता है। प्राचार्य डॉ. आरती लालचंदानी ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है। इसके साथ ही बैठक में दोषी छात्रों को तलब किया गया है। बैठक में एंटी रैगिंग दस्ते के सदस्य लापता रहे।
मेडिकल कालेज की एंटी रैगिंग कमेटी के उपाध्यक्ष डॉ. महेंद्र सिंह और प्रॉक्टर डॉ. जीडी यादव के समक्ष दोषी छात्र बुधवार को पेश हुए। उनसे कहा गया कि जुर्माना 24 घंटे के अंदर जमा करने के साथ अपने अभिभावकों और माता-पिता को बुलाएं। उनसे लिखित गारंटी ली जाएगी कि उनका लड़का इस तरह की हरकत नहीं करेगा।
यह भी चेतावनी दी गई कि ऐसी गलती दोबारा होने पर उन्हें हॉस्टल और पढ़ाई से वंचित किया जा सकता है। गरीब बच्चों की जुर्माना राशि की अदायगी के संबंध में भी चर्चा हुई। इसे जेम्स फंड या स्टू्डेंट्स वेलफेयर से देने के लिए कहा गया, लेकिन नियम के लिहाज से यह संभव नहीं है। इस मद से किसी दोषी की जुर्माना राशि अदा नहीं की जा सकती। बैठक में एंटी रैगिंग दस्ते के सदस्यों को भी तलब किया गया था लेकिन कोई नहीं आया।