कर्मचारी भविष्य निधि संगठन ने पीएफ खाताधारकों के परिजनों के लिए ई-नॉमिनी बनने की व्यवस्था शुरू कर दी है। इसके तहत कोई भी पीएफ खाताधारक अपने सक्रिय यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (यूएएन) की सहायता से विभाग की वेबसाइट पर लॉग इन करके परिजनों के नाम आदि जोड़ सकेगा।
नई व्यवस्था से नियोक्ता पर किसी भी प्रकार की निर्भरता खत्म हो जाएगी। जिस प्रकार अभी ऑनलाइन पीएफ क्लेम के दावे निर्धारित हो रहे हैं। उसी तरह भविष्य में पेंशन के क्लेम निर्धारित होंगे।
सूत्रों ने बताया कि 6 जून को इस संबंध में सभी क्षेत्रीय पीएफ कमिश्नरों को सर्कुलर जारी किया गया है। नई व्यवस्था में कोई भी पीएफ खाताधारक जिसका यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (यूएएन) सक्रिय है और उसका आधार, मोबाइल नंबर विभाग से लिंक है वो ही इस व्यवस्था का लाभ उठा पाएगा। खाताधारक को अपनी फोटो भी अपलोड करनी होगी।
नॉमिनी जोड़ने में संबंधित नॉमिनी का आधार नंबर, फोटो भी अपलोड करना जरूरी होगा। इसके अलावा आधार कार्ड में बने हस्ताक्षर को ई-हस्ताक्षर बनाकर अपलोड करना होगा। खास बात यह है कि इस व्यवस्था को ओटीपी आधारित बनाया गया है।
अभी तक फार्म दो भरकर विभाग में जमा करना होता था। जिस पर नियोक्ता के हस्ताक्षर होते थे। इसके बाद ही नॉमिनी बन पाते थे। अब इस नई व्यवस्था से नियोक्ता से किसी भी प्रकार की निर्भरता खत्म हो जाएगी।
ईपीएफ स्टाफ फेडरेशन के संरक्षक राजेश कुमार शुक्ला ने बताया कि नई व्यवस्था से भविष्य में ऑनलाइन पेंशन क्लेम का निर्धारण किया जा सकेगा। इस व्यवस्था से पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता रहेगी। नॉमिनी की तिथि आदि पर भी कोई विवाद की स्थिति नहीं रहेगी।