कानपुर देहात। बिकरू कांड के 30 आरोपियों के खिलाफ पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट में आरोप पत्र (चार्जशीट) गुरुवार को कोर्ट में दाखिल कर दिया। इसमें विकास के खजांची जय बाजपेई, पूर्व जिला पंचायत सदस्य गुड्डन त्रिवेदी भी शामिल हैं।
सभी आरोपियों को कड़ी सुरक्षा में कोर्ट में पेश किया गया। आरोपियों की पेशी को लेकर पुलिस ने सतर्कता बरती। गैंगस्टर की कार्रवाई में मामले में आरोपी महिलाओं व तत्कालीन एसओ और दारोगा को शामिल नहीं किया गया है।
दो जुलाई को बिकरू गांव में कुख्यात विकास दुबे को गिरफ्तार करने गई पुलिस टीम पर फायरिंग की गई थी। इसमें सीओ समेत आठ पुलिस कर्मी शहीद हो गए थे। घटना में विकास समेत कई आरोपी एनकाउंटर में मारे जा चुके हैं।
मामले में पुलिस ने कुल 36 आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी। इसमें विकास के खजांची जय बाजपेई व करीबी पूर्व जिला पंचायत सदस्य अरविंद त्रिवेदी उर्फ गुड्डन समेत 30 लोगों पर पुलिस ने गैंगस्टर की कार्रवाई की थी।
गैंगस्टर की कार्रवाई में मुख्य घटना में आरोपी चार महिलाओं व तत्कालीन एसओ चौबेपुर विनय तिवारी और दरोगा केके शर्मा को शामिल नहीं किया गया है। इसकी विवेचना बिल्हौर थाना प्रभारी अनूप कुमार कर रहे थे।
गुरुवार को थाने के पैरोकार ने अपर जिला सत्र न्यायाधीश पंचम रवि यादव की कोर्ट में सभी 30 आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट में आरोप पत्र दाखिल कर दिए। इसमें 29 आरोपियों को कड़ी सुरक्षा में कोर्ट में पेश किया गया।
वहीं कानपुर जेल में निरुद्ध दयाशंकर उर्फ कल्लू को नहीं पेश किया जा सका। सहायक शासकीय अधिवक्ता धनंजय पांडेय ने बताया कि अब कोर्ट ने मामले में आरोप निर्धारण पर बहस की तिथि 26 नवंबर तय की है।
बिकरू कांड के आरोपियों की पेशी को लेकर कोर्ट परिसर में विशेष चौकसी बरती गई। अनावश्यक घूमने वालों से पूछताछ कर कोर्ट परिसर से बाहर कर दिया गया।