मेडिकल जांच के मुताबिक अप्रैल व मई के महीने में दुष्कर्म हुआ होगा। तभी किशोरी गर्भवती हुई। हालांकि आरोपियों के डर से वह चुप रही। तीन महीने बाद जब परेशानी होने लगी तो सच्चाई सामने आई। फिर भी आरोपी नहीं रुके वे उसे हवस का शिकार बनाते रहे।
दो किशोर बोले, मैंने भी संबंध बनाए
पुलिस ने गांव के कई किशोरों से पूछताछ की तो दो किशोरों ने कुबूला कि उन्होंने किशोरी से संबंध बनाए थे। पुलिस उन्हें अज्ञात आरोपी में शामिल करेगी या लेखपाल के दो अन्य साथियों को खोजेगी, यह जांच का विषय है। क्योंकि किशोरी दोनों आरोपियों को नहीं पहचानती थी। यदि वे गांव के किशोर होते तो उनका नाम ले लेती।
हंगामे की आशंका पर गांव नहीं ले गए शव
मोर्चरी में सुबह ही एएसपी आउटर आदित्य शुक्ला, सीओ सदर, सीओ बिल्हौर, ककवन एसओ समेत अन्य पुलिस बल पहुंच गया था। जल्द से जल्द पोस्टमार्टम कराया गया। उसके बाद परिजनों ने भैरव घाट पर अंतिम संस्कार किया। पुलिस शव को गांव ले जाना नहीं चाह रही थी, ताकि वहां किसी तरह का हंगामा प्रदर्शन न हो। ककवन में घटना के विरोध में कुछ विपक्षी नेता पहुंचे थे, जिनको पुलिस ने हिरासत में लिया था।
मुख्य आरोपी पहले ही जेेल भेजा चुका था। अब नामजद दूसरा आरोपी लेखपाल रंजीत की गिरफ्तारी कर जेल भेज दिया गया है। केस के अज्ञात आरोपियों का पता किया जा रहा है। जल्द उनकी पहचान कर जेल भेजा जाएगा।- प्रशांत कुमार, आईजी रेंज कानपुर